Maharashtra State Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 ‘पृथ्वी’ से ‘अग्नि’ तक
Hindi Sulabhbharti Class 7 Solutions Chapter 6 ‘पृथ्वी’ से ‘अग्नि’ तक Textbook Questions and Answers
स्वयं अध्ययन:
किसी महान विभूति क्रम जीवनक्रम वर्षानुसार बनाकर लाओ और पड़ो। जैसे: जन्म, शालेय शिक्षा आदि।
अंतरजाल के माध्यम से भारतीय वैज्ञानिकों और उनके कार्यों की सूची बनवाएँ।
डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम की जीवनी पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
खोजबीन:
अंतरजाल से पद्मभूषण से विभूषित विभूतियों की जानकारी का संकलन करके सुनाओ।
सुनो तो जरा:
विज्ञान प्रदर्शनी के लिए बनाए गए उपकरण बनाने की विधि एवं उपयोग सुनो और सुनाओ।
जरा सोचो….. चर्चा करो:
“यदि मैं अंतरिक्ष यात्री बन जाऊँ तो…” विषय पर अपने विचार लिखिए। (कल्पनात्मक-लेखन)
Answer:
मेरे जीवन का एक सबसे बड़ा सपना है कि मैं एक अंतरिक्ष यात्री बने। अगर मैं अंतरिक्ष यात्री बन गया, तो मुझे स्वयं पर गर्व महसूस होगा क्योंकि यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है। मैं भी आसमान में पक्षियों की भाँति उड़ जाऊँगा। ऊपर से हमारी सुंदर पृथ्वी का नजारा देखूगा। कई ग्रह, तारे, धूमकेतु इनका बारीकी से अवलोकन व अध्ययन करूँगा। कई प्रकार की नई बातें देश व देशवासियों के लिए खोज लाऊँगा। चंद्रमा के बारे में इसके पहले लोगों ने जो कथन किए हैं। मैं उनका प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करूंगा। अपने यान से पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा और अन्य दूसरे दुर्लभ ग्रहों के चित्र संशोधन के लिए लूंगा। अपने अवलोकन व संशोधन से कई प्रकार का महत्त्वपूर्ण ज्ञान मैं देशवासियों और विश्व के लिए ले आऊँगा। मैं कुछ इस प्रकार के कारनामें करूँगा, जिससे विश्व में अपने देश का नाम ऊँचा हो। मैं सदैव एक सफल अंतरिक्ष यात्री बनकर लौटना चाहूँगा।
विचार मंथन:
“हम विज्ञान लोक के वासी’ विषय पर अपने विचार लिखिए। (विचारात्मक-लेखन)
Answer:
आज का युग विज्ञान का युग है। आज का कोई भी क्षेत्र विज्ञान से अछूता नहीं है। प्राचीन काल से असंभव समझे जानेवाले सभी कार्यों को विज्ञान ने संभव करके दिखाया है। छोटी सुई से लेकर आकाश की दूरी नापने वाले हवाई जहाज व रॉकेट इस विज्ञान की ही देन हैं। हम अपने प्रतिदिन के जीवन में विज्ञान निर्मित वस्तुओं का ही प्रयोग करते हैं। विद्युत की निर्मिती, कल-कारखाने, अंतरिक्ष की खोज, जीवन में बदलाव, आधुनिक खेती की सामग्री पूरा जीवन विज्ञान निर्मित वस्तुओं से घिरा हुआ है।
प्राचीन काल से हम कहते व सुनते आ रहे हैं कि मनुष्य “धरती का वासी है’, परंतु विज्ञान के इन चमत्कारों और मनुष्य द्वारा विज्ञान निर्मित वस्तुओं के उपयोग किए जाने पर हम अगर कहें कि ‘हम विज्ञान लोक के वासी’ हैं, तो यह गलत न होगा। विज्ञान ही है जिसने धरती के प्रत्येक असंभव कार्य को संभव करके दिखाया है। किंतु आज के इस आधुनिक युग में हमें इस बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि विज्ञान से मनुष्य को कई हानियाँ भी हो रही हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमें विज्ञान की तरक्की का उपयोग मानव जाति के भले के लिए ही करना चाहिए। तभी हम असल में ‘विज्ञान लोक के वासी’ कहलाएंगे।
मेरी कलम से:
निम्नलिखित संकेत बिंदुओं के आधार पर कहानी लिखिए। (कहानी-लेखन)
Answer:
शीर्षक बेगुसराय नाम का एक राज्य था। उस राज्य में विभूति नारायण नामक राजा राज्य करते थे। राजा बड़े ही कर्मठ, परोपकारी व न्यायी थे। उन्हें अपने दरबार के लिए एक ऐसे राजमंत्री की तलाश थी, जो परोपकारी व निस्वार्थी हो। एक दिन रामपुर नामक गाँव में एक मेला लगा। मेला देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। राजा विभूतिनारायण ने अपने सैनिकों को बताया कि आज हम अपने राज्य के लिए राजमंत्री की खोज करेंगे। वे अपने सेवकों को सड़क के प्रवेशद्वार पर एक बड़ा-सा पत्थर रखवाने के लिए कहते हैं तथा वेश बदलकर स्वयं वहाँ खड़े हो जाते हैं। कई लोग उस रास्ते से जाते हैं। उस पत्थर से टकराते हैं, गिरते हैं, किंतु किसी ने भी उस पत्थर को उठाकर रास्ते से दूर नहीं किया। अजय नाम का एक लड़का बहुत रही थी।

कुछ देर बाद उससे न रहा गया। वह स्वयं उस बड़े भारी पत्थर के पास गया और पत्थर को ढंकेलकर रास्ते के किनारे से सरकाकर हटा दिया। राजा की नज़र इस लड़के पर पड़ी। राजा खुशी से प्रसन्न हो उठे। पर वे कुछ देर देखते रहे। अजय को उस पत्थर के नीचे एक चिट्ठी मिली। उसमें लिखा था “आज से तुम इस राज्य के राजमंत्री हो।” इतने में राजा विभूतिनारायण उसके समीप आए और उससे कहा कि “मैं तुम्हारी परोपकारी भावना व निस्वार्थ सेवा बृत्ति से प्रसन्न हूँ। आज से मैं तुम्हें इस राज्य का राजमंत्री घोषित करता हूँ।” अजय के लिए यही सबसे बड़ा पुरस्कार था। राजा ने अपनी ओर से हजार सुवर्ण मुद्राएँ देकर उसे सम्मानित किया और अपने दरबार में राजमंत्री का पद प्रदान किया।
सीख –इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी भी कार्य को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए बल्कि परोपकारी भावना से प्रत्येक सामाजिक कार्य को हमें करना चाहिए। जो समाज व जनता के हित में हों।
शीर्षक– “जनसेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।” अथवा
“कर भला तो हो भला।”
बताओ तो सही

वाचन जगत से :
गणतंत्र दिवस पर सम्मनित बच्चों के बहादुरी के प्रसंग पढ़ो और पसंदीदा किसी एक का वर्णन करो।
अध्ययन कौशल:
अपना दैनिक नियोजन बताओ तथा उसपर अमल करो।
सदैव ध्यान में रखो:
दैनिक जीवन में विज्ञान का उपयोग करना श्रेयस्कर होता है।
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखो:
(श्रीहरिकोटा, सेकंड्स, वैज्ञानिक, स्थगित, रॉकेट, चक्रवात, शोर, महानतम)
तीन-चार वाक्यों में उत्तर लिखो:
भाषा की ओर:
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाएँ पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखो तथा उनके वाक्य बनाओ।
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग व प्रत्यय लगाकर नए शब्द का निर्माण कीजिए तथा उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उपसर्ग (pefix):वे शब्दांश जो किसी शब्द के आगे लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन लाते हैं तथा नया शब्द बनाते हैं उन्हें ‘उपसर्ग’ कहते है। जैसे – धन + वान = धनवान, मानव + ता = मानवता आदि।
प्रत्यय: वे शब्दांश जो किसी शब्द के पीछे जुड़कर उसके अर्थ को विशिष्ट बनाते हैं, उसे प्रत्यय (suffix) कहा जाता है।
जैसे = आवश्यक + ता = आवश्यकता

(१) दिन
उपसर्ग– प्रतिदिन प्रत्यय – दिनभर
Answer:
मैंप्रतिदिनखेलता हूँ।
दिनभरनहीं खेलना चाहिए।
(२) नम्र
उपसर्ग– विनम्र प्रत्यय – नम्रता
Answer:
सुनिलविनम्रलड़का है।
हमें सभी के साथनम्रतासे व्यवहार करना चाहिए।
(३) डर
उपसर्ग– निडर प्रत्यय – डरपोक
Answer:
मेरे पिताजी बड़ेनिडरहै।
मोहन बड़ाडरपोकहै।
(४) जल
उपसर्ग– निर्जल प्रत्यय – जलमय
Answer:
मेरी माँनिर्जलव्रत करती है।
पूरा तालाबजलमयहै।
(५) साहस
उपसर्ग– दु:साहस प्रत्यय – साहसिक
उत्तरः
रावण के सभी कार्यदु:साहससे भरे थे।
राजन ने बड़ासाहसिककार्य किया।
(६) सत्य
उपसर्ग– असत्य प्रत्यय – सत्यवादी
उत्तर :
गांधी जी कभीअसत्यनहीं बोलते थे।
राजा हरिश्चंद्र बड़ेसत्यवादीथे।
Hindi Sulabhbharti Class 7 Solutions Chapter 6 ‘पृथ्वी’ से ‘अग्नि’ तक Additional Important Questions and Answers
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए।
निम्नलिखित वाक्य सही है या गलत लिखिए।
डॉ. कलाम ने आर.डी.एल – आर.सी.आई परिवार के सदस्यों को संबोधित करते हुए क्या कहा?
Answer:
डॉ. कलाम ने आर.डी.एल व आर.सी.आई परिवार के सदस्यों को संबोधित करते हुए यह कहा कि स्वाभाविक रूप से बड़े अवसर अपने साथ बराबर की चुनौतियाँ लेकर आते हैं। हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, समस्याओं को हमें हराने का मौका नहीं देना चाहिए।
निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
व्याकरण और भाषाभ्यास
निम्नलिखित शब्दों का विलोम शब्द लिखिए।
Answer:
निम्नलिखित संज्ञा शब्दों से विशेषण शब्दों की रचना कीजिए।
Answer:
निम्नलिखित शब्दों के समान अर्थवाले शब्द लिखिए।
Answer:
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध रूप लिखिए।
Answer:
पाठ में आए दस अनुस्वार व अनुनासिक शब्दों को ढूंढकर लिखिए।
Answer:
अनुस्वार– अंतरिम, संगठन, अंतरिक्ष, तुरंत, सेकंडों, केंद्र, संस्थान, लोगों, संचार, दिमागों, सुंदर, लंबी, रक्षामंत्री, श्रृंखला, सेकंड्स, क्षणों।अनुनासिक– पाँच, यहाँ, बाधाएँ, मैंडरा, आँकड़े, बाँटा, जाँच, चुनौतियाँ, बनाएँ, सुविधाएँ, दाँव, गतिविधियाँ।।
पाठ में आए सर्वनाम शब्दों को पहचानकर उनका भेद लिखिए तथा अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
क्या (प्रश्नवाचक)
Answer:
रक्षामंत्री ने कलाम से कहा, “तुम मुझसेक्याउपहार चाहोगे?”