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Class 10 (SSC Board)Hindi (Lokbharati / Sulabhbharati)2026-27 Syllabus

Chapter 2 कलाकार Solutions

Complete Maharashtra State Board Balbharati & Yuvakbharati textbook solutions for Chapter 2 कलाकार. Step-by-step solved exercises, numerical problems, and digest answers.

84 Solved Questions9 Diagrams4536 words

Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lokvani Solutions Chapter 2 कलाकार

Hindi Lokvani 10th Std Digest Chapter 2 कलाकार Textbook Questions and Answers

स्वाध्याय :

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

1. संजाल पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
संजाल पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:

2. परिणाम लिखिए :

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
बीमार सेठानी पर धूनी की चुटकी भर राख का…..
Solution & Step-by-Step Answer:
सकारात्मक प्रभाव पड़ा और धीरे-धीरे उसकी तबीयत सुधरने लगी।
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
बहुरूपिये की वास्तविकता जानने के उपरांत सेठ जी की स्थिति – उत्तरः वह आश्चर्य के मारे आसमान से गिरा।

3. निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए।

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
बहुरूपिये हू-ब-हू उसी तरह का व्यवहार करके प्राय: लोगों को भ्रम में नहीं डालते थे।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
बहुरूपिये हू-ब-हू उसी तरह का व्यवहार करके प्रायः लोगों को भ्रम में डालते थे।
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
एक बार सेठ जी बीमार हो गए।
Solution & Step-by-Step Answer:
एक बार सेठानी बीमार हो गई।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
सेठानी कभी-कभी आने लगी।
Solution & Step-by-Step Answer:
सेठ रोज आने लगा।
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
साधु ने झगड़ा करके सेठ को लौटा दिया। उत्तरः साधु ने समझा-बुझाकर सेठ को लौटा दिया।

प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए।

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:

5. निम्नलिखित वाक्यों को घटनाक्रम के अनुसार लिखिए।

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित वाक्यों को घटनाक्रम के अनुसार लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

6. इन कृदंत शब्दों की मूल क्रियाएँ लिखिए।

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
इन कृदंत शब्दों की मूल क्रियाएँ लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

7. ‘कला के प्रति ईमानदारी ही सच्चे कलाकार की पहचान है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘कला के प्रति ईमानदारी ही सच्चे कलाकार की पहचान है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए। उत्तरः कलाकार उसे कहते हैं जो कला का ज्ञाता हो, जिसे अपनी कला के सिवा अन्य कुछ नहीं भाता हो। अपनी कला का बेहतर प्रदर्शन करके लोगों का मनोरंजन करना ही उसका मुख्य उद्देश्य होता है। फिर वह कलाकार, अभिनेता हो या फिर कोई बहुरूपिया। उसकी कला ही उसकी पहचान होती है। इसलिए उसे अपनी पहचान एवं अस्तित्व को कभी नहीं खोना चाहिए। चरित्र निर्माण एवं संस्कार करने में कलाकार की भूमिका अनन्यसाधारण होती

है। इसलिए वह अपनी कला के माध्यम से लोगों पर अपनी अमिट छाप छोड़ता है। यदि वह अपनी कला के प्रति ईमानदार नहीं होता अथवा उसका सहारा लेकर गलत कार्य करता है, तो इससे उसकी कला का अपमान होता है। अत: वह हमेशा अपना व्यक्तिगत स्वार्थ त्यागकर, अपने पेशे के प्रति ईमानदारी पर अधिक बल देता है। इसी कारण समाज में उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है और सभी उसका और उसकी कला का सम्मान करते हैं।

अभिव्यक्ति :

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘सहयोग से कठिन कार्य की पूर्ति होती है।’ विषय पर अपने विचार शब्दांकित कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है जिसकी उन्नति सहयोग की बुनियाद पर निर्भर है। सहयोग भावना मानवता का प्रतीक है। किसी भी व्यक्ति को सहयोग करना एवं उसे सहायता पहुँचाना सबसे बड़ा धर्म होता है। हमें सबकी समान भाव से मदद करनी चाहिए। सहयोग से बहुत बड़े-बड़े कार्य पूर्ण होते हैं। सहयोग से पुल का निर्माण होता है, बड़ी-बड़ी इमारतें सहयोग के बल पर ही बनती हैं।

सहयोग से व्यक्ति, समाज व राष्ट्र की उन्नति होती है। सहयोग के बल पर ही आधुनिक भारत का नवनिर्माण संभव है। गाँधी जी ने सभी भारतीयों का सहयोग पाकर ही इस देश को अंग्रेजों के शासन से मुक्त कराया तथा हमें आजादी दिला पाने में सफल रहे। सहयोग असंभव को संभव कर देता है। अत: सभी को इसका पालन करना चाहिए।

भाषाबिंदु :

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
पाठ में प्रयुक्त तीन-तीन क्रियाविशेषण अव्यय व संबंधसूचक अव्यय बकर उनका स्वतंत्र वाक्य में प्रयोग कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
1. क्रियाविशेषण अव्यय :

2. संबंधसूचक अव्यय :

उपयोजित लेखन :

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली या अपने मित्र को लिखिए। (पत्र निम्न प्रारूप में हों।)
Solution & Step-by-Step Answer:

10 जुलाई, 2018
प्रिय मित्र राहुल,
सप्रेम नमस्ते।
तुम कैसे हो? बहुत दिन हो गए लेकिन तुम्हारा पत्र नहीं मिला। आशा करता हूँ कि तुम ठीक होगे। मैं भी कुशल हूँ। मेरी चिंता मत करना राहुल, हमारे विद्यालय ने महाबलेश्वर की सैर आयोजित की थी। सैर तीन दिन की थी। दिनांक 25 जून को हम सुबह 7 बजे महाबलेश्वर की ओर निकले। करीबन शाम के 4 बजे तक हम महाबलेश्वर पहुंच गए थे। महाबलेश्वर के बारे में तुम्हें क्या बताऊँ? बहुत ही रम्य प्राकृतिक स्थल है महाबलेश्वर। वहाँ की वादियाँ एवं घाटियाँ देखकर मेरा मनमयूर नाचने लगा था।

सघन वृक्ष देखने लायक थे। चारों ओर का वातावरण बड़ा ही शांत और खुशनुमा था। हवा में ठंडक व ताज़गी थी। पेड़ों पर उछल-कूद करने वाले बंदरों की सेना देखकर मैं आनंदविभोर हो गया। वहाँ का रम्य वातावरण एवं मित्रों के साथ घूमते-घूमते तीन दिन कैसे बीत गए, इस बात का मुझे पता ही नहीं चला।

जैसे ही छुट्टियाँ शुरू हो जाएगी; वैसे ही तुम मेरे घर पर आना। फिर हम मिलकर खूब खेलेंगे। तुम्हारे माता जी एवं पिता जी को मेरा सादर प्रणाम।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
विजय मेहता
पता : 201, गीता महल,
कृष्ण नगर,
मुंबई : 400 012
[email protected]

Hindi Lokvani 10th Std Textbook Solutions Chapter 2 कलाकार Additional Important Questions and Answers

(अ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति अ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
कृति पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए।

i. बहुरूपियों के बारे में सभी नहीं जानते हैं।

Solution & Step-by-Step Answer:

बहुरूपियों के बारे में हम सब जानते हैं।

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
समझकर लिखिए। i. गद्यांश में इस प्रांत की लोक कथाओं का जिक्र हुआ है।
Solution & Step-by-Step Answer:
राजस्थान

कृति अ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। i. कपड़े धोने का पेशा करनेवाली एक जाति – ii. अनेक प्रकार के रूप धारण करने वाला –
Solution & Step-by-Step Answer:
i. धोबी ii. बहुरूपिया
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्द से उपसर्ग व प्रत्यययुक्त शब्द बनाइए। i. व्यवहार ii. रूप
Solution & Step-by-Step Answer:
i. उपसर्गयुक्त शब्द : अव्यवहार, प्रत्यययुक्त शब्द : व्यावहारिक ii. उपसर्गयुक्त शब्द : कुरूप, प्रत्यययुक्त शब्द : रूपवान

कृति अ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘बहुरूपियों का पेशा अब समाप्त होता जा रहा है।’ अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
पुराने जमाने में मनोरंजन के साधन सीमित होते थे। सिनेमा हॉल, दूरदर्शन, संगणक या मोबाइल जैसे अत्याधुनिक एवं मन बहलाने वाले साधन कम थे। वास्तव में मनोरंजन की दुनिया बहुत छोटी थी। पहले पुराने संस्कार एवं विधियों का अनुकरण किया जाता था। लोक कथाओं एवं लोक कलाओं का अनुकरण करने में सभी को आनंद मिलता था। लेकिन अब जमाना बदल गया है। लोगों की मनोरंजन को लेकर मानसिकता बदल गई है।

विज्ञान व तकनीकी ने मानव सभ्यता में परिवर्तन ला दिया है। इस कारण पहले जिस प्रकार बहुरूपिया द्वार-द्वार पर जाकर अपनी कलाबाजी एवं हुनर को प्रदर्शित करता था, उस प्रकार अब द्वार पर बुहरूपिया नहीं आता है। उसकी कलाबाजी एवं हुनर को देखने के लिए लोगों के पास पर्याप्त समय भी नहीं है। आपाधापी के इस युग में जहाँ अपनों के लिए वक्त नहीं है, वहाँ बहुरूपिए के करतब देखने के लिए किसी के पास समय नहीं है। इसलिए बहुरूपियों का पेशा अब समाप्त होता जा रहा है।

(आ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति आ (1): आकलंन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
संजाल पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
कृति पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:

कृति आ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
विलोम शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
गद्यांश में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्द को ढूँढ़कर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सिर, माथा
प्रश्न 5 Maharashtra Board Solution
वचन बदलिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 6 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग छाँटकर लिखिए। i. महात्मा ii. उपदेश
Solution & Step-by-Step Answer:
i. महा ii. उप
प्रश्न 7 Maharashtra Board Solution
गद्यांश से प्रयुक्त शब्द-युग्म +डकर लिखिए। उत्तरः i. कभी-कभी ii. धीरे-धीरे
प्रश्न 8 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्द के लिए अनेकार्थी शब्द लिखिए। – i. रूप
Solution & Step-by-Step Answer:
ः सूरत, प्रकृति, खूबसूरत, समान।।
प्रश्न 9 Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से तत्सम शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः संसार, कीर्ति, साधु

कृति आ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘साधु माला, जटा, त्रिपुंड, कमंडल, तिलक, भस्म क्यों धारण करते हैं? अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
भारत में हिंदू साधुओं का एक विशेष पहनावा होता है। भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुसार ये माला, जटा, त्रिपुंड, कमंडल, तिलक, भस्म आदि का प्रयोग करके स्वयं को संसारत्यागी

कहलवाते हैं। हिंदू समाज में तुलसी की माला का विशेष महत्व होता है। अतः साधुओं के हाथ व गले में माला होती है। जटा, भस्म व कमंडल का सीधा संबंध भगवान शिव से होता है। भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म लगाते थे। हिंदू संप्रदाय में तिलक का भी अपना विशेष महत्त्व होता है। धार्मिक कार्य एवं ईश्वर की उपासना करने के पश्चात माथे पर तिलक लगाया जाता है। माला, जटा, त्रिपुंड, कमंडल, तिलक, भस्म आदि का आध्यात्मिक महत्त्व भी है। इनके प्रयोग से व्यक्ति शुद्ध आचरण करने लगता है। अत: साधु उपर्युक्त साधनों को धारण करते हैं।

(इ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति इ (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
गद्यांश पड़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों – i. सेठ ii. सेठानी
Solution & Step-by-Step Answer:
i. अविश्वास से कौन हँस पड़ा? ii. कौन बीमार हो गई?
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
सही विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए। i. सेठ साधु को मिलने के लिए तैयार हो गया क्योंकि….. (अ) दुनियाभर के इलाज कराने के बाद भी उसकी माँ ठीक नहीं हुई। (आ) दुनियाभर के इलाज कराने के बाद भी उसकी बेटी ठीक नहीं हुई। (इ) दुनियाभर के इलाज कराने के बाद भी उसकी पत्नी ठीक नहीं हुई।
Solution & Step-by-Step Answer:
सेठ साधु को मिलने के लिए तैयार हो गया क्योंकि दुनियाभर के इलाज कराने के बाद भी उसकी पत्नी ठीक नहीं हुई।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए।

i. बड़ी प्रसन्नता से सेठ साधु को मिलने गया।

Solution & Step-by-Step Answer:

हारकर सेठ साधु से मिलने गया।

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
किसने, किससे कहा? i. “सेठानी को जीवनदान दीजिए।”
Solution & Step-by-Step Answer:
सेठ ने साधु से कहा।

ii. “ऐसे ढोंगी जाने यहाँ कितने आते रहते हैं।”
उत्तर:
सेठ ने व्यक्ति से कहा।

कृति इ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. कभी-कभी ii. वैद्य-डॉक्टर
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
वचन बदलिए। i. सेठानी ii. पेशा
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सेठानियाँ i. पेशे
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से प्रत्यययुक्त शब्द ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
‘अविश्वास’ इस शब्द में निहित उपसर्ग प्रत्यय को पहचानकर संबंधित उपसर्ग लगाकर अन्य दो शब्द तैयार कीजिए। उत्तरः अविश्वास : प्रत्यय : अ, नए शब्द : अकारण, अप्रसन्न

प्रश्न 5 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित गद्यांश में प्रयुक्त लिंग शब्द की जोड़ी ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः सेठ-सेठानी
प्रश्न 6 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित गद्यांश में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्दों की जोड़ी ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
i. वैद्य-डॉक्टर ii. चरण-पाँव
प्रश्न 7 Maharashtra Board Solution
नीचे दिए शब्द के लिए श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द लिखिए। i. संपत्ति ii. अब
Solution & Step-by-Step Answer:
i. संप्रति ii. आब
प्रश्न 8 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के अनेकार्थी शब्द लिखिए। i. डोली ii. जीवन
Solution & Step-by-Step Answer:
i. एक क्रिया जो ‘डोलना’ से संबंधित है, पालकी ii. पानी, जिंदगी

कृति इ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘क्या कोई साधु बीमार व्यक्ति को स्वस्थ करने की शक्ति रखता है।’ विधान को वर्तमान समय के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
आज का युग विज्ञान एवं तकनीकी का युग है। आज हमारे समाज में साधु और तांत्रिक के वेश में कुछ ढोंगी भी देखने को मिलते हैं। वे दूसरे की अज्ञानता और सीधेपन का लाभ उठाकर पैसा कमाते हैं। ऐसे में यदि घर का कोई व्यक्ति बीमार हो जाए, तो उसे साधु या तांत्रिक के पास ले जाना उचित नहीं है। फिर भी लोग अंधविश्वास के कारण बीमार व्यक्ति को साधु महाराज के पास लेकर जाते हैं। साधु के पास कोई भी ऐसी अद्भुत शक्ति नहीं होती है। वह तो सिर्फ उसके पास आने वाले व्यक्ति

को आशीर्वाद दे सकता है और ईश्वर से उनके कष्ट हरने की प्रार्थना कर सकता है। इससे ज्यादा उसके हाथ में कुछ नहीं होता है। फिर भी लोग उस पर विश्वास रखते हैं। हमें समाज में चारों ओर फैले कुछ ढोंगी साधुओं से बचना चाहिए और बीमार व्यक्ति को डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए तथा डॉक्टर से उसका इलाज करवाना चाहिए।

(ई) गद्यांश को पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ई (1): आकलन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
परिणाम लिखिए।

i. सेठानी की तबीयत ठीक हो जाने पर …..
उत्तरः
सेठ का साधु पर गहरा विश्वास हो गया और वह रोज साधु के पास आने लगा।

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके
Solution & Step-by-Step Answer:
निम्न शब्द हों – i. सात-आठ ii. धन
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सेठानी की तबीयत कितने दिनों में ठीक हो गई? ii. क्या बढ़ने से लोभ भी उतना ही बढ़ता है?
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
संजाल पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:

कृति ई (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए। i. साधु ने सेठ से कहा सच्चा सुख धन का त्याग करने में है अपना ध्यान भगवान के चरणों में लगा दो उत्तरः साधु ने सेठ से कहा, “सच्चा सुख धन का त्याग करने में है; अपना ध्यान भगवान के चरणों में लगा दो।”

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सात-आठ ii. धीरे-धीरे
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
नीचे दिए शब्द के लिए श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द लिखिए। i. सात ii. समाधी
Solution & Step-by-Step Answer:
i. साथ ii. समधी
प्रश्न 5 Maharashtra Board Solution
‘बीमारी’ इस शब्द में से प्रत्यय अलग कीजिए और संबंधित प्रत्यय लगाकर अन्य दो शब्द बनाइए। उत्तरः बीमारी : शब्द : बीमार प्रत्यय : ई अन्य शब्द : लोभी, संबंधी
प्रश्न 6 Maharashtra Board Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। i. योगसाधना द्वारा अंतर्ध्यान लगाकर बैठना –
Solution & Step-by-Step Answer:
ः समाधी

कृति ई (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘जीवन का सच्चा सुख धन का त्याग करने में है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः उपर्युक्त बिल्कुल शतप्रतिशत: सही है। जीवन का सच्चा सुख धन का त्याग करने में ही है। जिस व्यक्ति को धन का लोभ नहीं होता है; वह धन का कभी भी संचय नहीं करता है। जैसे-जैसे उसके पास धन आ जाता है; वैसे-वैसे वह धन दीन-दुखियों में बाँट देता है। दीन-दुखियों के चेहरे पर संतोष देखकर उसे अथाह खुशी मिलती है। ऐसा व्यक्ति सच्चे सुख का अनुभव करता है। जीवन में जो भी महान पुरुष हुए हैं, उन्होंने कभी भी धन का संचय नहीं किया था। आजीवन उन्होंने मानवता की भलाई हेतु ही कार्य किया। आखिर यह संसार एक माया है। धन का लोभ आदमी को आदमी नहीं रहने देता। जो व्यक्ति जितना धन का संचय करता है; उतना ही उसका लोभ बढ़ता जाता है।

(उ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति उ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
कारण लिखिए। i. सेठ का संसार से मन फिर गया।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
क्योंकि साधु महाराज के उपदेश का उस पर सकारात्मक असर पड़ा।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
उचित जोड़ियाँ लगाइए।

‘अ’

‘ब’

1. बैलगाड़ियों

(क) कपट

2. सच्चा

(ख) झुंड

3. साधु

(ग) ज्ञान

4. झूठ

(घ) उपदेश

उत्तरः

‘अ’

‘ब’

1. बैलगाड़ियों

(ख) झुंड

2. सच्चा

(ग) ज्ञान

3. साधु

(घ) उपदेश

4. झूठ

(क) कपट

कृति उ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
नीचे दिए हुए शब्द के विलोम शब्द लिखिए। i. शिष्य × ………. ii. सच्चा × ……….
Solution & Step-by-Step Answer:
i. गुरु ii. झूठा
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
‘असलियत’ शब्द में प्रत्यय अलग कीजिए और संबंधित प्रत्यय लगाकर अन्य दो शब्द तैयार कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
असलियत : प्रत्यय : इयत, अन्य शब्द: इनसानियत, हैवानियत
प्रश्न 5 Maharashtra Board Solution
नीचे दिए गए तत्सम शब्दों के तद्भव रूप लिखिए। i. सुवर्ण ii. उष्ट्र
Solution & Step-by-Step Answer:
i. सोना ii. ऊँट
प्रश्न 6 Maharashtra Board Solution
नीचे दिए गए शब्द का श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द लिखिए। i. चरण
Solution & Step-by-Step Answer:
चारण

कृति उ (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘हृदय परिवर्तन व्यक्ति को सत्मार्ग की ओर अग्रसित करता है।’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
हृदय परिवर्तन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे व्यक्ति का स्वभाव, उसकी बुराइयाँ आदि सब कुछ अच्छाई में परिवर्तित हो जाती हैं। हृदय परिवर्तन व्यक्ति के व्यक्तित्व को संपूर्णत: नया आयाम देता है। भगवान बौद्ध के उपदेश का अंगुलिमाल के हृदय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और उसका हृदय परिवर्तन हो गया। मोहनदास गांधी का भी हृदय परिवर्तन हुआ और वे महात्मा गांधी बने। दीन-दुखियों का दुख देखकर मदर टेरेसा का भी हदय परिवर्तन हुआ था।

जिस व्यक्ति का हृदय परिवर्तन हो जाता है वह व्यक्ति सत्मार्ग की ओर अग्रसित हो जाता है और फिर वह अपने जीवन में कभी भी बुराइयों को अपनाता नहीं। वह अपने जीवन में सत्संग कर दूसरों के जीवन में खुशहाली निर्माण करता है। जिसका हृदय परिवर्तन हो जाता है वह दूसरों की सेवा निःस्वार्थ भाव से करता है। हृदय परिवर्तन व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन होता है।

(ऊ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ऊ (1): आकलन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों – i. धन ii. सेठ जी
Solution & Step-by-Step Answer:
i. साधु के अनुसार मिट्टी क्या है? ii. बहुरूपिये के अनुसार चतुर आदमी कौन है?
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
परिणाम लिखिए। i. बहुरूपिये ने सेठ जी से धन नहीं लिया –
Solution & Step-by-Step Answer:
सेठ की आँखों में आँसू आ गए।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए।

ii. प्रसन्न भाव से बहुरूपिया सिर ऊँचा करके खड़ा था।

Solution & Step-by-Step Answer:

अपराधी भाव से बहुरूपिया सिर झुकाए खड़ा था।

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
कारण लिखिए। i. बहुरूपिये ने सेठ से अपना इनाम माँगा।
Solution & Step-by-Step Answer:
क्योंकि उसने सेठ जैसे चतुर आदमी को धोखा दे दिया था और अपनी कला का सम्मान चाहता था।

कृति ऊ (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
गद्यांश में से शब्द-युग्म ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
i. समझा-बुझाकर ii. इधर-उधर
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
विलोम शब्द लिखिए।

Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
पर्यायवाची शब्द लिखिए। i. कसूर ii. इनाम
Solution & Step-by-Step Answer:
: i. गलती ii. उपहार
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
गोश में से ऐसे दो शब्द ढूँढकर लिखिए जिनके वचन परिवर्तित नहीं होते।
Solution & Step-by-Step Answer:
सिर, इनाम
प्रश्न 5 Maharashtra Board Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। i. वस्तु पर से अपना स्वत्व हटा लेना –
Solution & Step-by-Step Answer:
त्याग
प्रश्न 6 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए। i. माया
Solution & Step-by-Step Answer:
माया, धन, देवी, लक्ष्मी

(ए) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति ए (1) : आकलन कृति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
गद्यांश के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए। i. अगर बहुरूपिया सेठ जी की संपत्ति लेकर भाग जाता …..
Solution & Step-by-Step Answer:
अगर बहुरूपिया सेठ जी की संपत्ति लेकर भाग जाता तो उसके रूप में खोट आ सकती थी।

ii. बहुरूपिए ने रूप को सच्चा रखने के लिए
उत्तर:
बहुरूपिए ने रूप को सच्चा रखने के लिए संपत्ति का त्याग कर दिया था।

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
कारण लिखिए। i. बहुरूपिया अब खुशी से इनाम ले सकता है।
Solution & Step-by-Step Answer:
क्योंकि उसने अपने बहुरूपिये का काम पूरा कर लिया था।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित गलत विधान सही करके लिखिए। i. सेठानी बहुरूपिये के आशीर्वाद से ठीक हो गई थी।
Solution & Step-by-Step Answer:
सेठानी और सेठ का विश्वास और संयोग इनके मिलन से सेठानी ठीक हो गई थी।

ii. दुर्जन व्यक्ति की तरह बहुरूपिये ने साधु का रूप त्याग दिया था।
उत्तर:
सच्चे महत्मा की तरह बहुरूपिये ने साधु का रूप त्याग दिया था।

कृति ए (2) : शब्द संपदा

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए। i. बहुरूपिये ने सेठ से कहा अब आप जो इनाम मुझे देंगे खुशी से ले लूँगा
Solution & Step-by-Step Answer:
बहुरूपिये ने सेठ से कहा, “अब आप जो इनाम मुझे देंगे, खुशी से ले लूंगा।”
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
दिए गए गद्यांश में से विदेशी शब्द ढूँढकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
अशर्फी
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्द में उचित उपसर्ग व प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए। i. नम ii. संतुष्ट
Solution & Step-by-Step Answer:
i. उपसर्गयुक्त शब्द: विनम्र, प्रत्यययुक्त शब्द: नम्रता ii. उपसर्गयुक्त शब्द: असंतुष्ट, प्रत्यययुक्त शब्दः संतुष्टि
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
विलोम शब्द लिखिए। i. विश्वास × ii. नम्रता ×
Solution & Step-by-Step Answer:
i. अविश्वास ii. अशिष्टता
प्रश्न 5 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। i. सोने का सिक्का –
Solution & Step-by-Step Answer:
अशर्फी

कृति ए (3) : स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘हमें अपने व्यवसाय के प्रति ईमानदार होना चाहिए।’ अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
‘व्यवसाय’ का अर्थ है काम-धंधा एवं पेशा। व्यवसाय से व्यक्ति को रोजगार प्राप्त होता है। व्यवसाय एक नैतिक उत्तरदायित्व होता है। लाभ कमाने के ध्येय से व्यवसाय किया जाता है। व्यवसाय के कई प्रकार हैं। जैसे कि अध्यापन, डॉक्टरी, चित्रकारी आदि तरह-तरह के व्यवसाय हैं। व्यक्ति किसी भी व्यवसाय का चयन करें, पर उसे अपने व्यवसाय के प्रति ईमानदार होना चाहिए। उसे अपना काम निष्ठा एवं विश्वास से करना चाहिए। उसके मन में अपने व्यवसाय के प्रति अपनत्व की भावना होनी चाहिए तथा प्रतिकूल परिस्थिति में भी वह अपने व्यवसाय की नैतिकता में सतर्क रहे। जो व्यक्ति अपने व्यवसाय के प्रति ईमानदार होता है; वह राष्ट्रीय विकास हेतु अपना योगदान देने में सक्षम होता है। व्यवसाय के प्रति ईमानदार रहने से व्यक्ति का व्यवसाय समाज में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त कर लेता है। अत: हमें व्यवसाय के प्रति ईमानदार होना चाहिए।

कलाकार Summary in Hindi

लेखक – परिचय :

जीवन-परिचय : राजेंद्र यादव जी का जन्म सन 1929 में उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में हुआ। आप साठोत्तरी पीढ़ी के जाने-माने उपन्यासकार एवं साहित्यकार हैं। राजेंद्रजी हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय संपादक भी थे। इन्होंने ‘नई कहानी’ के नाम से हिंदी साहित्य में एक नई विधा का सूत्रपात भी किया था। इन्होंने ‘हम’ पत्रिका का पुनः प्रकाशन किया और यह कार्य अपने जीवन के अंतिम समय तक यानी पूरे 27 वर्ष तक जारी रखा। हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा आपको समग्र लेखन के लिए ‘सर्वोच्च शलाका सम्मान’ प्रदान किया गया।
प्रमुख कृतियाँ : ‘जहाँ लक्ष्मी कैद है. ‘छोटे-छोटे ताजमहल’, ‘किनारे से किनारे तक (कहानी संग्रह), ‘सारा आकाश’, ‘शह और मात’। तथा ‘उखड़े हुए लोग’ (उपन्यास) आदि।

गद्य-परिचय :

कहानी : कहानी साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है। जीवन की किसी एक घटना के रोचक वर्णन को ‘कहानी’ कहते हैं। कहानी का उद्देश्य उपदेश देना और मनोरंजन करना माना जाता है। कहानी का लक्ष्य मानव जीवन की विभिन्न समस्याओं और ! संवेदनाओं को व्यक्त करना होता है।
प्रस्तावना : ‘कलाकार’ इस कहानी में लेखक राजेंद्र यादव जी ने बहुरूपिए के माध्यम से बताया है कि श्रेष्ठ कलाकार को अपनी कला के प्रति ईमानदार रहना चाहिए अर्थात व्यक्ति का कोई भी पेशा या व्यवसाय हो; उसे उसके प्रति ईमानदार होना चाहिए।

सारांश :

‘कलाकार’ एक कहानी है। यह कहानी हमें अपनी कला और व्यवसाय के प्रति ईमानदार रहने की प्रेरणा देती है। इस कहानी का नायक एक बहुरूपिया है। तरह-तरह के रूप धारण कर लोगों का मनोरंजन करना उसका पेशा है। वह अपनी कला में माहिर है। एक बार वह साधु के जैसा हू-ब-रूप धारण करके नगर के बाहर डेरा लगाकर बैठ जाता है। धीरे-धीरे लोग उसके बारे में जानने लगते हैं और उससे मिलने आने लगते हैं। चारों तरफ उसका नाम फैल जाता है। नगर में रहने वाले एक सेठ की पत्नी बीमार पड़ जाती है।

डॉक्टर एवं वैद्यों द्वारा इलाज करने पर भी वह ठीक नहीं होती है। आखिर सेठ अपनी पत्नी को लेकर साधु महाराज के पास आते हैं। संयोग वश सेठानी की तबीयत सुधरने लगता हा सात-आठ दिना म उसका तबीयत ठीक हो जाती है। अब सेठ पूरी निष्ठा से साधु महाराज का भक्त बन जाता है। साधु महाराज उसे मोह-माया को त्यागने के लिए कहते हैं। साधु के उपदेश का सेठ पर गहरा असर होता है और वह एक दिन अपनी सारी संपत्ति लेकर साधु के पास आता है। वह अपनी संपत्ति साध महाराज को दान करना चाहता है। लेकिन साधु उसे विनम्रता से ठुकरा देता है।

अब साधु को लगता है कि उसने अपनी कला का बेहतर प्रदर्शन करके सेठ जैसे चतुर आदमी को धोखा दे दिया है। अत: वह साधु का वेश त्यागकर सेठ के पास अपना इनाम माँगता है और सेठ को सब कुछ सच बता देता है। उसकी बातों को सुनकर सेठ आश्चर्यचकित हो जाते हैं। वे बहुरूपिए से कहते है कि अगर वह चाहता; तो उनका सारा धन लेकर भाग सकता था। तब बहुरूपिया कहता है कि यदि वह ऐसा करता, तो उसके रूप में खोट आ सकती थी। रूप को सच्चा रखने के लिए उसने धन का त्याग कर दिया था। फिर भी सेठ जी की समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि यह कैसा बहुरूपिया है। जो करोड़ों की संपत्ति छोड़कर अशर्फियों के इनाम के लिए इतना प्रसन्न और संतुष्ट है।

शब्दार्थ :

मुहावरे :