Maharashtra State Board Class 9 Hindi Lokvani Solutions Chapter 5 उम्मीद
Hindi Lokvani 9th Std Digest Chapter 5 उम्मीद Textbook Questions and Answers
भाषा बिंदु:

संभाषणीय:
लेखनीय:
Being terrified, the old man stood with folded hands and then said, please do not keep the other feet! because my whole family depends for its, livelihood on this only machine. The surrounding passers by laughed at this. I thurst back my feet.
आसपास:

कवि का नाम – गोपालदास सक्सेना ‘नीरज’
कविता का विषय – प्रस्तुत कविता ‘धरती स्वर्ग समान है’ में कवि सांप्रदायिक सद्भावना की आवश्यकता प्रतिपादित करते हैं।
कविता का केंद्रीय भाव – ‘धरती स्वर्ग समान है’ कविता के कवि ‘नीरज’ ने मानवतावाद को विश्व का प्रमुख और सत्य धर्म बताया है। कवि कहते है कि आज यदि विश्व में शांति और सद्भावना का साम्राज्य लाना है, तो आवश्यक है कि हम आपस में सौहार्द की भावना का विकास करें; परंतु आज परिस्थितियाँ अत्यंत विषम हैं। इसके लिए मानव-मानव के मध्य की भेदभाव की दीवारें तोड़नी होंगी। धर्मों और संप्रदायों के मध्य उत्पन्न घृणा और द्वेष को समाप्त करना होगा। प्रेम भरे आँसुओं की गंगा में स्नान करके आज हम अपने मन का मैल दूर कर सकते हैं। इस प्रकार प्रस्तुत कविता में कवि ने जाति, धर्म, संप्रदाय आदि के भेदभाव मिटाकर प्रेम एंव एकता से रहने का संदेश दिया है।
कल्पना पल्लवन:
कभी-कभी कोई दयालु मनुष्य भी हमें खाने के लिए दाने देता है; तो मैं बहुत प्रसन्न हो जाती हूँ। लेकिन इसके साथ ही साथ कुछ मनुष्य ऐसे भी हैं; जो हमें पिंजरे में कैद करके रखते हैं और हमें मनोरंजन का साधन समझते हैं। यहाँ तक कि हमें बाजार में ऊँचे दामों पर बेचा भी जाता है। इन सब बातों से मेरा हृदय दुखी हो उठता है। अभी कुछ दिनों पहले मेरे साथ एक घटना घटित हो गई जो आप सबको सुनाना चाहती हूँ। ठंडी की एक सुबह मैं पगडंडियों पर फुदक रही थी और नम घास की गुदगुदाती छुअन का आनंद ले रही थी कि तभी एक आवारा कुत्ते ने मुझे अपने जबड़ो में जकड़ लिया।
मैं छटपटा रही थी लेकिन असहाय थी; तभी एक साधारण-सी दिखने वाली लड़की अपनी किताबें फेंककर मेरी तरफ दौड़ी और उस कुत्ते के जबड़े से मेरे प्राण बचाए। मैं बुरी तरह से घायल हो चुकी थी, मेरे पैर भी टूट चूके थे जिसके कारण मैं फूदक नहीं पा रही थी, तभी उसके कोमल हाथों ने मुझे उठा लिया और तब तक मेरी सेवा की जब तक मैं उड़ने के काबिल न हुई। कौन कहता है कि ईश्वर आसमान में होता है; जबकि वो तो नीचे है हम सबके साथ।
पाठ के आँगन में:


पाठ से आगे:
गजलकारों के नाम | प्रसिद्ध गजलें |
1. फ़िराक़ गोरखपुरी | अगर बदल न दिया / इश्क तो दुनिया का राजा है / आँखों में जो बात |
2. बशीर बद्र | अगर यकीं नहीं आता तो आजमाए मुझे / भूल शायद बहुत बड़ी कर ली / गुलाबों की तरह दिल अपना |
3. राही मासूम रज़ा | अजनबी शहर के अजनबी रास्ते / दिल में उजले कागज पर / क्या वो दिन भी दिन है |
4. साहिर लुधियानवी | अक़ायद वहम है मज़हब खयाल-ए-खाम है साक़ी / मैं जिंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए / उदास न हो |
5. इक़बाल | अजब वाइज़ की दींदारी है या रब / सारे जहाँ से अच्छा / असर करे ना करे सुन तो लो मेरी फरियाद |
6. जाँ निसार अख़्तर | अशूआर मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं / हमसे भागा न करो दूर / सौ चाँद भी चमकेंगे |
7. मजरूह सुल्तानपुरी | आ निकल के मैदां में दोरुखी के खाने से / मुझे सहल हो गई मंजिलें / कब तक मलूँ जबीं से |
8. मीर तक़ी ‘मीर’ | अश्क आँखों में कब नहीं आता / अपने तड़पने की / बेखुदी ले गई |
9. अमीर खुसरो | जिहाल-ए मिस्की मकुन तगाफुल / छाप तिलक सब छीनी से / बहुत दिन बीते पिया को देखे |
10. मिर्ज़ा ग़लिब | आ कि मरी जान को क़रार नहीं है / आईना क्यों न दूँ / कभी नेकी भी उसके जी में |
Hindi Lokvani 9th Std Textbook Solutions Chapter 5 उम्मीद Additional Important Questions and Answers
(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1): आकलन कृति

कृति (2): सरल अर्थ
(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1): आकलन कृति

कृति (2): सरल अर्थ
कवि कहते हैं कि मनुष्य को पूरी उम्मीद (आशा) के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आने वाली मुसीबतों और परेशानियों के तूफान से ये उम्मीद ही उन्हें सुरक्षित रखती हैं इसलिए मनुष्य को कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उम्मीद की छतें बड़ी मजबूत होती हैं।
(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1): आकलन कृति

कृति (2): सरल अर्थ
(घ) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1): आकलन कृति
कृति (2): सरल अर्थ
कवि कहते हैं यह देश सबका अपना देश है। इसके उन्नति की चिंता सबको करनी चाहिए। आखिर सबको इसकी चिंता क्यों नहीं है? अर्थात प्रत्येक देश वासियों को अपने देश के उन्नति की चिंता करनी चाहिए।
उम्मीद Summary in Hindi
कवि-परिचय:
जीवन-परिचय: कमलेश भट्ट का जन्म उत्तर प्रदेश के जफरपुर में हुआ। वे गजल, कहानी, हायकू, साक्षात्कार, निबंध, समीक्षा आदि
विधाओं में रचना करते हैं। इन्हें पर्यावरण के प्रति गहरा लगाव है। नदी, पानी आदि इनकी रचनाओं के विषय हैं।
प्रमुख कृतियाँ: कहानी संग्रह – ‘नखलिस्तान’, ‘मंगल टीका’, गजल संग्रह – ‘मैं नदी की सोचता हूँ’, ‘शंख’, ‘सीप’, ‘रेत’, ‘पानी’,
हायकू संकलन – ‘अमलतास’, बाल कविताएँ – ‘अजब-गजब’, बाल उपन्यास – ‘तुईम’।
पद्य-परिचय:
गजल: उर्दू, हिंदी या फारसी में की गई रचना जिसमें एक ही बहर और वजन के अनुसार लिखे गए शेरों का समूह होता है। गजल
के पहले शेर को ‘मतला’ और अंतिम शेर को ‘मकता’ कहते हैं। प्रत्येक शेर एक-दूसरे से स्वतंत्र होते हैं।
प्रस्तावना: प्रस्तुत गजल ‘उम्मीद’ के गजलकार ने इस रचना के माध्यम से हमें अपने लक्ष्य की तरफ बुलंदी से बढ़ने, जीने की चाह
बनाए रखने, खुद पर भरोसा करने, सच्चाई पर डटे रहने आदि के लिए प्रेरित किया है।
सारांश:
कवि पंक्षियों का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि दिल में हौसला हो तो मंजिल प्राप्त करना कठिन नहीं है। जिन्हें आत्महत्या ही करनी है बेशक कर लें वरना यहाँ जीने के बहाने बहुत हैं। गुणी और अच्छे लोगों के प्रशंसकों की यहाँ कोई कमी नहीं है। पक्की उम्मीद हर मुसीबतों से हमारी रक्षा करती है। हमें सत्य का साथ देना चाहिए और अपने हाथ-पैर का उपयोग करके अर्थात आत्मनिर्भर होकर देश की उन्नति के लिए कुछ करना चाहिए। आत्महत्या करने से स्वर्ग नहीं मिलता। आत्महत्या करना निपट मूर्खता है।
सरल अर्थ:
वो खुद ही ………………….. उड़ानों की
कवि कहते हैं कि पक्षियों को कभी उड़ने की शिक्षा नहीं दी जाती है। वे खुद ही आसमान की ऊँचाई को जान जाते हैं, अर्थात उड़ते-उड़ते आसमान की बुलंदियों तक जा पहुँचते हैं। इसी प्रकार कर्मठ और परिश्रमी व्यक्ति को किसी सहारे की जरूरत नहीं पड़ती, वे स्वयं ही हर ऊँचाई को प्राप्त कर लेते हैं।
जो दिल में …………………… थकानों की
कवि कहते हैं यदि दिल में साहस है तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना कठिन नहीं है। थक जाने की बात तो कमजोर दिल वाले किया करते हैं। अर्थात जिनके अंदर साहस है उनके लिए हर कार्य आसान है।
जिन्हें है सिर्फ …………….. बहानों की
कवि कहते हैं, जो जीना ही नहीं चाहते। जिन्हें सिर्फ मरना ही है, वे नि:संदेह आत्महत्या कर लें। वरना यहाँ जीने के बहानों की कोई कमी नहीं है अर्थात जीने की बहुत सारी वजह हैं।
महकना …………….. कद्रदानों की
कवि कहते हैं, खुशबू का काम तो केवल महकना और चारों तरफ फैल कर लोगों को अपने सुगंध से भर देना है। खुशबू कभी भी प्रशंसकों की प्रशंसा से वंचित नहीं होती है। इसी प्रकार मनुष्य को भी खुशबू की तरह गुणी और परोपकारी होकर नि:स्वार्थ भाव से लोगों का कल्याण करते रहना चाहिए, तो वे भी कभी प्रशंसा के मोहताज नहीं होंगे।
हमें हर हाल …………….. मकानों की
कवि कहते हैं कि मनुष्य को पूरी उम्मीद (आशा) के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आने वाली मुसीबतों और परेशानियों के तूफान से ये उम्मीद ही उन्हें सुरक्षित रखती हैं इसलिए मनुष्य को कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उम्मीद की छतें बड़ी मजबूत होती हैं।
कोई पक्का ………………. क्यों नहीं है?
कवि मनुष्य से कहते हैं जीवन में कुछ करने के लिए या लक्ष्य प्राप्त करने के लिए तुम्हारे अंदर पक्का इरादा क्यों नहीं है? तुम्हें अपने आप पर भरोसा क्यों नहीं है? अर्थात मनुष्य में आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है।
बने हैं पाँव ………………. क्यों नहीं है?
कवि मनुष्य से कहते हैं तुम्हें चलने के लिए दो पैर बने हैं अर्थात ईश्वर ने तुम्हें दो पैर दिए हैं, तो तुम उन पैरों पर चलते क्यूँ नहीं हो? यहाँ कवि का तात्पर्य यह है कि तुम अपने पैरों का उपयोग करके अपने लक्ष्य को क्यों नहीं प्राप्त करते हो? अर्थात मनुष्य को आत्मनिर्भर होना चाहिए।
बहुत संतुष्ट …………….. क्यों नहीं है?
कवि मनुष्य से कहते हैं कि तुम अपनी परिस्थितियों से बहुत संतुष्ट क्यों हो? तुम्हारे भीतर भी कुछ कर गुजरने का अर्थात उन्नति करने का गुस्सा (आक्रोश) क्यों नहीं है? यहाँ कवि का तात्पर्य है कि मनुष्य को परिस्थितियों का दास नहीं होना चाहिए बल्कि उनसे संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
तू झूठों की ……………… क्यों नहीं है?
कवि मनुष्य से कहते हैं कि तुम झूठे लोगों की तरफदारी करने में सम्मिलित हो गए हो। तुम्हें तो सच्चा होना था। सत्य का साथ देना था। तुम सच्चे क्यों नहीं हो? यहाँ कवि का तात्पर्य है कि मनुष्य को हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए।
मिली है खुदकुशी ………………. क्यों नहीं है?
कवि मनुष्य से कहते हैं इस संसार में आत्महत्या करने से किसको स्वर्ग मिला है। तू इतनी छोटी-सी बात क्यों नहीं समझता है? अर्थात आत्महत्या करना मूर्खता है।
सभी का अपना ……………. क्यों नहीं है?
कवि कहते हैं यह देश सबका अपना देश है। इसके उन्नति की चिंता सबको करनी चाहिए। आखिर सबको इसकी चिंता क्यों नहीं है? अर्थात प्रत्येक देश वासियों को अपने देश के उन्नति की चिंता करनी चाहिए।
किताबों में बहुत ……………. क्यों नहीं है?
कवि कहते हैं कि किताबों में ऐसी बहुत सारी अच्छी-अच्छी बातें लिखी हैं। इन लिखी हुई बातों को कोई पढ़ता क्यों नहीं है? अर्थात मनुष्य को किताबों की अच्छी बातों को पढ़कर उन्हें अपने व्यवहार में लाना चाहिए।
शब्दार्थ: