Maharashtra State Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 11 स्वतंत्रता गान
Hindi Lokbharti 9th Std Digest Chapter 11 स्वतंत्रता गान Textbook Questions and Answers
संभाषणीय:
श्रवणीय:
प्रश्न (क)
राष्ट्रभक्ति पर आधारित कोई कविता सुनिए।
प्रश्न (ख)
अपने देश की विविधताएँ सुनिए।
लेखनीय:
पठनीय:
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र संबंधी जानकारी पढ़िए और छोटी-सी टिपण्णी तैयार कीजिए। |
पाठ से आगे:
प्रश्न 1. अंतरजाल/ग्रंथालय से ‘दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन’ (सार्क) में भारत की भूमिका की जानकारी प्राप्त करके टिप्पणी लिखिए। |
कल्पना पल्लवन:
प्रश्न 1. ‘विश्व स्तर पर भारत की पहचान निराली है।’ स्पष्ट कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
भारत हमको जान से प्यारा है। सबसे न्यारा गुलिस्ता हमारा है।
सचमुच विश्व में भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जहाँ संस्कृति, विज्ञान व तकनीकी का समन्वय दिखाई देता है। भिन्न-भिन्न धर्म व जाति वर्ग के लोगों के बीच भारत देश ने पारंपरिक संस्कृति, सभ्यता एवं सर्वधर्म सहिष्णुता की भावना के कारण विश्व में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान बना रखा है। विश्व स्तर पर भारत की पहचान अनोखी व निराली है। क्रीड़ा के क्षेत्र में भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी अनोखी पहचान बनाए हुए हैं। सचिन तेंदुलकर को तो ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है। साहित्य के क्षेत्र में भी भारतीय लेखक कवियों का साहित्य कई विदेशी भाषाओं में अनूदित हुआ है। उद्योग जगत में रिलायन्स, टाटा, बिरला आदि कंपनियों ने विश्व स्तर पर भारत की सशक्त आर्थिक क्षमता का सबूत प्रस्थापित कर दिया है। संगीत की दुनिया में भारत ने समूचे विश्व को मोहित कर दिया है। लता दीदी, आशा भोसले, ए.आर. रहमान आदि गायक-गायिकाओं के गानों ने विदेशों में धूम मचा दी हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत के तो कई विदेशी कायल हैं। विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भारत देश ने एक नया आयाम स्थापित कर दिया है। भारत में अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत के डॉक्टर एवं अभियंताओं को विदेशों में काफी महत्त्व प्राप्त हो रहा है। इसीलिए मैं बड़े गर्व के साथ कहता हूँ कि भारत ने विश्व स्तर पर अपनी एक अनोखी पहचान बनाई है। कहा भी गया है – सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्ता हमारा पाठ के आँगन में …
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
‘यह स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है।’ इस पंक्ति में आई कवि की भावना स्पष्ट कीजिए। उत्तरः कृति (घ) का स्वमत अभिव्यक्ति देखिए। |
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।
Solution & Step-by-Step Answer:
ः
|
(अ) | (ब) |
1. अतीत | (क) प्रार्थना |
2. पुनीत | (ख) साधना |
3. अनंत | (ग) भावना |
4. विनीत | (घ) कल्पना |
(ङ) अशांति |
(अ) | (ब) |
1. अतीत | (घ) कल्पना |
2. पुनीत | (ग) भावना |
3. अनंत | (ख) साधना |
4. विनीत | (क) प्रार्थना व्याकरण विभाग: 1 & 2.
3.
4. शुद्धीकरण- वाक्यों, शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना। 5. मुहावरों का प्रयोग/चयन करना 6. शब्द संपदा- व्याकरण 5 वीं से 8 वीं तक शब्दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्दयुग्म, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, भिन्नार्थक शब्द, कठिन शब्दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्त शब्द। 7.
8.
रचना विभाग: पत्रलेखन: कार्यालयीन पत्र कार्यालयीन पत्राचार के विविध क्षेत्र: बैंक, डाकविभाग, विद्युत विभाग, दूरसंचार, दूरदर्शन आदि से संबंधित पत्र व्यावसायिक पत्र व्यावसायिक पत्राचार के विविध क्षेत्र: किसी वस्तु/सामग्री/पुस्तकें आदि की माँग करना।
कहानी लेखन: 1. मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन करना। मुहावरे, कहावतें, सुवचन, लोकोक्तियाँ मुहावरे: लोकोक्तियाँ तथा कहावतें: सुवचन: निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए: 1. एक लड़की __________ विद्यालय में देरी से पहुंचना __________ शिक्षक द्वारा डाँटना _________ लड़की का मौन रहना __________ दूसरे दिन समाचार पढ़ना __________ लड़की को गौरवान्वित करना। 1. प्रश्न निर्मिति के लिए निम्नलिखित प्रश्नचार्ट उपयुक्त हो सकता है।
गद्य आकलन (प्रश्न तैयार करना) निम्नलिखित गद्यांश पर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हो। किसी भी देश की संपत्ति उस देश के आदर्श विद्यार्थी ही होते हैं। विद्यार्थियों का चरित्र ही राष्ट्र की संपत्ति होता है। वह समय का मूल्यांकन करना जानता है। वह बैटिंग, सिनेमा, मोबाइल एवं अन्य मनोरंजनों में आवश्यकता से अधिक लिप्त नहीं होता है। उसके सामने सदा मंजिल रहती है और उसे ज्ञात है कि इन प्रलोभनों के वश में न होकर परिश्रम, तप, त्याग और साधना के कटंकाकीर्ण पथ पर चलकर ही वह कुछ बन सकता है। परिवार के लिए, समाज के लिए, राष्ट्र के लिए एवं समूचे विश्व के लिए वह तभी कुछ करने की क्षमता प्राप्त कर सकता है जब वह अपनी सर्वांगीण उन्नति करने का सामर्थ्य रखता हो। प्रश्न: वृत्तांत लेखन: अपनी पाठशाला में मनाए गए ‘वाचन प्रेरणा दिवस/हिंदी दिवस/विज्ञान दिवस/राजभाषा दिवस/ शिक्षक दिवस/ वसुंधरा दिवस/ क्रीड़ा दिवस आदि का वृत्तांत रोचक भाषा में लिखिए। (लगभग 60 से 70 शब्दों में)। प्रसंग वर्णन: निम्नलिखित जानकारी पढ़कर उससे संबंधित प्रसंग लगभग 60 से 70 शब्दों में लिखिए। 1. कूड़ेदान से कूड़ा-कचरा आसपास फैला हुआ है, उसी में कुछ आवारा कुत्ते तथा अन्य जानबर घूम रहे हैं साथ ही कुछ ___ गाए प्लास्टिक की थैलियों को चबा-चबा कर खा रही हैं।… विज्ञापन: निम्न विषयों पर विज्ञापन तैयार किए जा सकते हैं। 1. वस्तुओं की उपलब्धि: नवनिर्मित (किसी भी वस्तु संबंधी) निबंध लेखन:
Hindi Lokbharti 9th Answers Chapter 11 स्वतंत्रता गान Additional Important Questions and Answers (क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए। कृति (1) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
संजाल पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
कृति पूर्ण कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
कृति (2) आकलन कृति
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
समझकर लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रश्न 2
Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए। 1. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। 2. स्वतंत्रता का दीपक शक्ति व भक्ति से परिपूर्ण नहीं हैं।
Solution & Step-by-Step Answer:
1. सत्य 2. असत्य
कृति (3) भावार्थ (1) निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
घोर अंधकार हो …………….. ला रहा विहान है। भावार्थ: किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता की कीमत हमेशा अधिक होती है। इसीलिए कवि नेपाली कहते हैं, “भले ही चारों ओर घोर अंधकार छाया हुआ हो या फिर हवा तेजी से बह रही हो, फिर भी प्रत्येक भारतीय के हृदय द्वार पर जलता हुआ यह स्वतंत्रता का दीया बुझना नहीं चाहिए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। स्वतंत्रता का यह दीपक रात का दीया है यानी अंधकारूपी परतंत्रता से इस दीपक ने सभी के जीवन में स्वतंत्रता रूपी विहान भर दिया है।” |
(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति (1) आकलन कृति
1. एक शब्द में उत्तर लिखिए।
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
देश और समाज पर किसका वितान है?
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
ज्योति का
2. संजाल पूर्ण कीजिए।
कृति (2) आकलन कृति.
कृति (3) भावार्थ 1. निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए।
(ग) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए। कृति (1) आकलन कृति
कृति (1) आकलन कृति
कृति (3) भावार्थ
(घ) पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए। कृति (1) आकलन कृति
कृति (2) आकलन
Solution & Step-by-Step Answer:
ः
कृति (3) भावार्थ
पद्य-विश्लेषण: कविता का नाम – स्वतंत्रता गान स्वतंत्रता गान Summary in Hindi कवि-परिचय: जीवन-परिचय: उत्तर छायावाद के जिन कवियों ने कविता और गीत को जनता का कंठहार बनाया था, गोपाल सिंह नेपाली उनमें अहम थे। गोपाल जी प्रकृति प्रेमी कवि हैं। इनकी कविताएँ देश प्रेम, प्रकृति प्रेम एवं मानवीय भावनाओं का वर्णन करने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। ये प्रबुद्ध पत्रकार भी थे। इन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए भी गीत लिखे हैं। प्रमुख कृतियाँ: काव्य संग्रह – ‘उमंग’, ‘पंछी’, ‘रागिनी’, ‘नीलिमा’, ‘पंचमी’, ‘रिमझिम’ आदि; पत्रिकाएँ – रतलाम टाइम्स’, ‘चित्रपट’, पद्य-परिचय: प्रेरणा गीत: जिन गीतों को सुनकर व्यक्ति को कार्य करने की प्रेरणा मिलती है ऐसे गीतों को प्रेरणा गीत कहते हैं। प्रेरणा गीत व्यक्ति प्रस्तावना: प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि ने प्रेरणा दी है कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वतंत्रता के दीपक को हर परिस्थिति में प्रज्वलित रखने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। सारांश: प्रस्तुत कविता एक प्रेरणा गीत है। इस गीत के माध्यम से कवि ने भारतीयों को राष्ट्रप्रेम, देशाभिमान, त्याग व बलिदान की भावना को बरकरार रखने के लिए प्रेरित किया है। इसीलिए कवि ने स्वतंत्रता के दीपक सदैव प्रज्वलित रखने के लिए कहा है। स्वतंत्रता का दीपक हमारी अस्मिता एवं आजादी का प्रतीक है। इस दीपक के प्रति प्रत्येक भारतीय के मन में सम्मान एवं निष्ठा की भावना होनी चाहिए। इस दीपक से प्रेरणा लेकर भारतवासी अपने देश की रक्षा हेतु अग्रसर हो जाए। ऐसा कवि ने संदेश दिया है। भावार्थ: 1. घोर अंधकार हो —————— प्राण के समान है। किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता की कीमत हमेशा अधिक होती है। इसीलिए कवि नेपाली कहते हैं, भले ही चारों ओर घोर अंधकार छाया हुआ हो या फिर हवा तेजी से बह रही हो, फिर भी प्रत्येक भारतीय के हृदय द्वार पर जलता हुआ यह स्वतंत्रता का दीया बुझना नहीं चाहिए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति स्वतंत्रता की भावना को बरकरार रखें। स्वतंत्रता का यह दीप रात का दीया है यानी अंधकाररूपी परतंत्रता से इस दीपक ने सभी के जीवन में स्वतंत्रता रूपी विहान भर दिया है। स्वतंत्रता का यह दीपक शक्ति से परिपूर्ण है। स्वयं शक्ति ने ही इसे हमें प्रदान किया हुआ है। अत: इस दीए को हम शक्ति को ही अर्पित करेंगे। इस दीए के प्रति हम सब भारतीयों की भक्ति समाहित हुई है। मानो भक्ति ने ही हमें इसे प्रदान किया हो। इस प्रकार स्वतंत्रता के इस दीए में शक्ति व भक्ति दोनों का समन्वय है। भले ही नाव पानी में तेजी से चल रही हो और पानी का बहाव भी वेगवान हो, फिर भी गंगा नदी के जल में इस दीए को हम बुझने नहीं देंगे क्योंकि यह हमारे स्वदेश का दीया है जो हमें अपने प्राणों के समान प्रिय है। 2. यह अतीत कल्पना ——————- ज्योति का वितान है। कवि नेपाली कहते है, स्वतंत्रता का दीपक हमारे लिए अतीत की कल्पना की भाँति है। यानी हमारे पुरखों ने इसे प्रज्वलित रखने के लिए अपने प्राण अर्पण कर दिए थे। इसीलिए हम इस दीए के समक्ष विनम्र प्रार्थना करते हैं। यह दिया हमारे लिए पवित्र भावना है। स्वतंत्रता के इस दीए को हमने अपनी अनंत साधना के बाद प्राप्त किया है। अत: जीवन में निर्माण होने वाली हर स्थिति यानी कि शांति में या अशांति में, युद्ध की स्थिति हो या संधि की या फिर देश में क्रांति हो, फिर भी तीर पर या नदी के किनारे पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। हमारे जीवन में यह स्वतंत्रता का दीपक ज्योति का वितान लेकर आया है। 3. तीन चार फूल हैं ——————— पुण्य प्राण दान है। कवि नेपाली कहते हैं, स्वतंत्रता के इस दीपक के प्रति हम भारतीयों में निष्ठा एवं श्रद्धा है। इस दीए के आस-पास तीन-चार फूल हैं। चारों ओर धूल भी है। बास और बबूल के पेड़ भी हैं। घास के दुपट्टे हैं। हवा की लहर उसे आकर स्पर्श भी करती है। फिर भी किसी शहीद की कब्र पर या किसी स्वतंत्रता सेनानी की समाधि पर हम इस दीए को बुझने नहीं देंगे। स्वतंत्रता का यह दीपक हमारे लिए किसी शहीद का पुण्य प्राण दान है। इससे प्रेरणा लेकर हम भारतीय अपनी आजादी को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे। 4. झूम-झूम बदलियाँ ———————– स्वतंत्र गान है। कवि नेपाली कहते हैं, आसमान में तूफानी बादल मँडरा रहे हों। बिजलियाँ कड़क रही हों। आँधी निर्माण हो गई हो और उसने हलचलें मचाना शुरू कर दिया हो। भले ही देश के अंतर्गत दंगे फसाद हो रहे हों व्यथा, वेदना एवं यातना का साम्राज्य निर्माण हुआ हो। फिर भी किसी की क्षुद्र जीत-हार पर यह दीया बुझना नहीं चाहिए। आखिर यह दिया हमारे लिए स्वतंत्र भावना का स्वतंत्र गान है। यह हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह हमारी अस्मिता की पहचान है। शब्दार्थ: |
















