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Class 8Hindi (Lokbharati / Sulabhbharati)2026-27 Syllabus

Chapter 1 धरती का आँगन महके Solutions

Complete Maharashtra State Board Balbharati & Yuvakbharati textbook solutions for Chapter 1 धरती का आँगन महके. Step-by-step solved exercises, numerical problems, and digest answers.

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Maharashtra State Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 1 धरती का आँगन महके

Hindi Sulabhbharti Class 8 Solutions Chapter 1 धरती का आँगन महके Textbook Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ करो:

प्रवाह तालिका पूर्ण करो:


Answer:

कृति पूर्ण करो :


Answer:

उत्तर लिखो:

Question 1 Maharashtra Board Solution
मेधा की ऊँचाई नापेगा
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रतिभा का पैमाना मेधा की ऊँचाई नापेगा।
Question 2 Maharashtra Board Solution
हम सब मिलकर करें
Solution & Step-by-Step Answer:
वसुधा के जयगान से अर्चना हम सब मिलकर करें।

कृति करो:

मानव अंतरिक्ष यान से यहाँ पहुँचा है।
Answer:

निम्नलिखित काव्य पंक्तियाँ पूर्ण कीजिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
______ आवृत्त कर दें स्नेह प्रभा परिधान से, करें अर्चना हम सब मिलकर वसुधा _______।
Solution & Step-by-Step Answer:
आत्मा को आवृत्त कर दें स्नेह प्रभा परिधान से, करें अर्चना हम सब मिलकर वसुधा के जयगान से।

भाषाबिंदु

Question 1 Maharashtra Board Solution
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए तथा उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए। शरीर, मनुष्य, पृथ्वी, छाती, पथ
Solution & Step-by-Step Answer:

Question 2 Maharashtra Board Solution
पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:

उपयोजित लेखन

Question 1 Maharashtra Board Solution
‘छाते की आत्मकथा’ विषय पर निबंध लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
मैं हूँ छाता। मुझे छतरी भी कर जाता है। जैसे बरसात शुरू हो जाती है, वैसे ही लोगों को मेरी उपयोगिता महसूस होने लगती है। संसार में मेरा उपयोग सब जगह पर होता है। आज मैं कई रूपों व कई रंगों में पाया जाता हूँ। फोल्डिंग के रूप में भी आप मुझे देख सकते हैं। मैं लोगों को बरसात व गरमी से बचाता हूँ। कहा जाता है कि मेरा सबसे पहले आविष्कार चीन में हुआ था। मेरा जन्म एक कारखाने में हुआ था। वहाँ से मुझे दुकानदारों के पास पहुंचाया गया। बरसात शुरू होने से पहले लोग मुझे अधिक कीमत देकर खरीद लेते हैं।

लोगों की सेवा करने में मुझे परम सुख की प्राप्ति होती है। इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया भी मेरा इस्तेमाल करती थीं। यह मेरे लिए बहुत ही आनंद की बात है। जिस प्रकार मेरे जीवन में हर्ष है; वैसे ही मेरे जीवन में दुख भी है। कुछ लोग मेरा प्रयोग ठीक से नहीं करते हैं। कुछ लोग मुझे लापरवाही से पटक देते हैं। इस कारण मेरी हालत बिगड़ जाती है। जब मैं फट जाता हूँ या मुझसे तार अलग हो जाते हैं, तब लोग मेरी मरम्मत करवा लेते हैं। इससे मुझे नया जीवन मिलता है। स्वयं धूप व वर्षा सहकर दूसरों की रक्षा करना, यही मेरा परम कर्तव्य है। आखिर, अपने कर्तव्य का पालन करना मेरा परम कार्य है।

Question 2 Maharashtra Board Solution
‘विश्व शांति की माँग सर्वाधिक प्रसांगिक है।’ इस तथ्य पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
आज मनुष्य को स्वार्थों ने जकड़ लिया है। वह अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु भयानक अस्त्रों-शस्त्रों का प्रयोग करने लगा है। इस कारण मानवता खतरे में पड़ गई है और चारों ओर हिंसा का माहौल निर्माण हो गया है। सभी देश अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने हेतु परमाणु बम बना रहे हैं। यदि ऐसा ही होता रहा, तो एक दिन समस्त पृथ्वी का विनाश संभव है। इसे रोकने के लिए आज विश्व शांति की बात की जा रही है। आखिर, शांति में ही हिंसा को रोकने की शक्ति है। विश्व शांति के लिए मेल-मिलाप व भाईचारे की भावना की जरूरत है। सदाचार व स्नेह को अपनाकर एक-दूसरे के साथ मानवता का व्यवहार करके शांति की स्थापना की जा सकती है।

स्वयं अध्ययन

प्राचीन भारतीय शिल्पकला संबंधी सचित्र जानकारी संकलित करो, विशेष कलाकृतियों की सूची बनाओ।

Hindi Sulabhbharti Class 8 Solutions Chapter 1 धरती का आँगन महके Additional Important Questions and Answers

एक शब्द में उत्तर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
सरिता के प्रवाहित होने से ये खिलेंगे
Solution & Step-by-Step Answer:
खेत।
Question 2 Maharashtra Board Solution
पैरों की गति इसमें बँधी हुई है
Solution & Step-by-Step Answer:
विश्वासों की राह में।
Question 3 Maharashtra Board Solution
ऐसे होते हैं अस्त्र
Solution & Step-by-Step Answer:
विनाशक।

कृति क (३) भावार्थ

निम्नलिखित पद्यांशों का भावार्थ लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
धरती का आँगन ……………………. सब धान से।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि डॉ. प्रकाश दीक्षित द्वारा लिखित ‘धरती का आँगन महके’ कविता से ली गई हैं। कर्म, ज्ञान व विज्ञान की महत्ता के कारण धरती का आँगन महक रा है। मनुष्य ने कर्म ज्ञान व विज्ञान के बल पर धरती का नाम रोशन किया है। कवि के मतानुसार अपने कर्म द्वारा ज्ञान व विज्ञान के बल पर धरती पर सभी खेत लहलहा उठे ऐसी धारा प्रवाहित करो। कर्म, ज्ञान व विज्ञान के द्वारा धरती को संपन्न बना दो।
Question 2 Maharashtra Board Solution
अभिलाषाएँ …………. विश्वासों की राह में।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि डॉ. प्रकाश दीक्षित द्वारा लिखित ‘धरती का आँगन महके’ कविता से ली गई हैं। कवि के मतानुसार आज वर्तमान युग में मनुष्य की अभिलाषाएँ यानी चाह आशाओं की छाँह में नित मुस्करा रही हैं। मनुष्य को आशा है कि आज नहीं तो कल उसकी सारी कामनाएँ पूरी होंगी। इसलिए उसके पैर बड़े विश्वास के साथ प्रगति पथ पर तेजी से आगे ही आगे बढ़ रहे हैं।
Question 3 Maharashtra Board Solution
शिल्पकला ……………………. श्रृंगार हो।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि डॉ. प्रकाश दीक्षित द्वारा लिखित ‘धरती का आँगन महके इस कविता से ली गई हैं। कवि के मतानुसार इस धरती पर मानव ने कर्म करके शिल्पकला का निर्माण किया है। यह शिल्पकला कमल रूपी फूलों की माला जैसी है जिससे इस धरती का गौरव बढ़ा है। वह धरती के गले का हार है। कवि की हार्दिक कामना है कि यह धरती फूलों-फलों से संपन्न हो और धरती के श्रृंगार में वृद्धि हो।

कृति ख (२) आकलन कृति

निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
सदाचार व स्नेह के जरिए मानवता का विकास होगा।
Solution & Step-by-Step Answer:
सत्य
Question 2 Maharashtra Board Solution
हम सभी को मिलकर धरती का जयगान करने के लिए अर्चना करनी चाहिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
असत्य

उत्तर लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
प्रतिभा का पैमाना यह बनकर मन की गहराई मापता है
Solution & Step-by-Step Answer:
मानवता का मीटर बनकर मन की गहराई मापता है।
Question 2 Maharashtra Board Solution
यह मन की सुंदरता का मूल्य बताती है
Solution & Step-by-Step Answer:
सदाचार की शुभ शलाका मन की सुंदरता का मूल्य बताती है।

कृति ख (३) भावार्थ

निम्नलिखित पद्यांशों का भावार्थ लिखिए।

Question 1 Maharashtra Board Solution
साँस-साँस ……………………. सुंदरता आँकती।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि डॉ. प्रकाश दीक्षित द्वारा लिखित ‘धरती का आँगन महके’ इस कविता से ली गई हैं। इस धरती ने साँस-साँस का जीवनपट बुनकर सभी के प्राणों का तन हक दिया है। कवि के मतानुसार सदाचार व स्नेह के द्वारा ही मानवता का विकास होगा। सदाचार रूपी शुभ शलाका मन की सुंदरता को आँकने का काम करेगी। मानवता के विकास के लिए सभी को सदाचार एवं स्नेह को अपनाना चाहिए।
Question 2 Maharashtra Board Solution
प्रतिभा का पैमाना …………………… गहराई।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि डॉ. प्रकाश दीक्षित द्वारा लिखित ‘धरती का आँगन महके’ कविता से ली गई हैं। कवि कहते हैं कि प्रतिभा का मानदंड बुद्धि की ऊँचाई नापने का काम करता है। सभी के हृदय में मानवता निर्माण होनी चाहिए। मानवता को मनुष्य के दिल की गहराई मापने का कार्य करना चाहिए अर्थात मानव की प्रतिभा को मानवता के लिए कार्य करना चाहिए।
Question 3 Maharashtra Board Solution
आत्मा को ………………….. जयगान से।
Solution & Step-by-Step Answer:
प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि डॉ. प्रकाश दीक्षित द्वारा लिखित ‘धरती का आँगन महके’ कविता से ली गई हैं। मनुष्य को अपनी आत्मा स्नेह रूपी प्रकाश से बैंक देना चाहिए। स्नेह से व्यक्ति को अपनी आत्मा स्वयं प्रकाशित करनी चाहिए। जब ऐसा होगा; तब धरती पर मानवता का विकास होगा। हम सभी को मिलकर धरती का जयगान करने के लिए पूजा-अर्चना करनी चाहिए।