Maharashtra State Board Class 5 Hindi Sulabhbharati Solutions स्वयं सध्ययन
5th Standard Hindi Digest स्वयं सध्ययन Textbook Questions and Answers
1. चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ


Hindi Sulabhbharati Class 5 Solutions स्वयं सध्ययन Additional Important Questions and Answers
प्रश्न 1
Maharashtra Board Solution
संकेत के आधार पर कहानी लिखना:
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:
(क) एक किसान – मुर्गी खरीदना – सोने का अंडा देना – किसान का खुश होना – शीघ्र धनवान बनने का लालच – मुर्गी का पेट चौरना – एक भी अंडा न मिलना – मुर्गी का मरना – किसान का पछताना।
स्वयं सध्ययन Summary in Hindi एकता में बल: कहानी – एक दिन आकाश में ढेर सारे कबूतर उड़ रहे थे। नीचे एक बहेलिया खड़ा उन्हें देख रहा था। बहेलिए ने उन्हें पकड़ने की तरकीब सोची। उसने दाना डालकर जाल बिछा दिया। कबूतर दाना चुगने आए और जाल में फंस गए। उन्होंने बहुत कोशिश की, पर जाल से निकल नहीं पाए। एक बुजुर्ग कबूतर ने उन्हें समझाया – हम सभी को एक साथ मिलकर उड़ना होगा और सारे कबूतर जाल समेत उड़ गए। बहेलिया हक्का-बक्का रह गया। वह उनके पीछे दौड़ा, पर उन्हें पकड़ नहीं पाया। दूर पहाड़ की खाई में कबूतर जाल समेत उतरे। वहाँ कबूतरों का दोस्त चूहा आ गया। उसने जाल कुतर दिया और सारे कबूतर मुक्त होकर आकाश में उड़ गए। सीख – हमें हमेशा कोई भी कार्य मिलकर करना चाहिए। लालच बुरी बला: कहानी – एक किसान था। वह मेहनत करके अपने दिन बिता रहा था। एक दिन उसने एक मुर्गी खरीदी। अगले दिन उस मुर्गी ने एक सोने का अंडा दिया। किसान ने उस अंडे को बेच दिया। हर रोज़ वह मुर्गी एक सोने का अंडा देती। उसे बेचकर वह किसान ढेर सारे पैसे कमाने लगा। उसके मन में लालच आ गया। उसने सोचा मुर्गी के पेट को चीरकर एक ही बार में पूरे अंडे निकाल लेता हूँ। उसने मुर्गी का पेट चीर दिया, पर मुर्गी के पेट से कुछ नहीं निकला। मुर्गी मर गयी। बाद में किसान को पछतावा होने लगा। उसे इस बात का दुख हुआ कि पैसों के लालच में उसने मुर्गी की जान ले ली। सीख – हमें कभीभी लालच नहीं करना चाहिए, क्योंकि लालच बुरी बला है। (ख) एक कौआ – पानी की तलाश में भटकना – एक घड़े में पानी – पानी का बहुत नीचे होना – कौए की तरकीब – कंकड़ घड़े में डालना – पानी पीकर उड़ जाना। प्यासा कौआ: कहानी – एक प्यासा कौआ। वह पानी की तलाश में यहाँ-वहाँ भटक रहा था। बहुत कोशिशों के बाद उसे एक घड़ा दिखाई दिया। पर घड़े में पानी एकदम नीचे था। कौए को तरकीब सूझी, उसने घड़े में कंकड़ डालने शुरू किए। धीरे-धीरे घड़े का पानी ऊपर आ गया। कौए ने खुशी-खुशी पानी पिया और उड़ गया। सीख – हमें मुसीबत अथवा कठिनाई के समय चतुराई से काम लेना चाहिए। |