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Class 11 (FYJC / HSC)Hindi (Yuvakbharati)2026-27 Syllabus

Chapter 13 नक्कड़ नाटक (अ) मौसम (आ) अनमोल जिंदगी Solutions

Complete Maharashtra State Board Balbharati & Yuvakbharati textbook solutions for Chapter 13 नक्कड़ नाटक (अ) मौसम (आ) अनमोल जिंदगी. Step-by-step solved exercises, numerical problems, and digest answers.

27 Solved Questions16 Diagrams4304 words

Maharashtra State Board 11th Hindi Yuvakbharati Solutions Chapter 13 नक्कड़ नाटक (अ) मौसम (आ) अनमोल जिंदगी

11th HindiDigestChapter 13 नक्कड़ नाटक (अ) मौसम (आ) अनमोल जिंदगी Textbook Questions and Answers

विधा पर आधारित

1.
प्रश्न अ.
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए –

(a) लिखिए :

उत्तर :

(b) नुक्कड़ नाटक के विषय

उत्तर :

(c) नुक्कड़ नाटक के उपयोग
(क) …………………………..
(ख) …………………………..
(ग) …………………………..
उत्तर :

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
नुक्कड़ नाटक की विशेषताएँ तथा स्पष्टीकरण

(1) विशेषता : ………………………………..
स्पष्टीकरण : ………………………………..

(2) विशेषता : ………………………………..
स्पष्टीकरण : ………………………………..

(3) विशेषता : ………………………………..
स्पष्टीकरण : ………………………………..

(4) विशेषता : ………………………………..
स्पष्टीकरण : ………………………………..

(5) विशेषता : ………………………………..
स्पष्टीकरण : ………………………………..

(6) विशेषता : ………………………………..
स्पष्टीकरण : ………………………………..
उत्तर :
(1) विशेषता : तात्कालिकता
स्पष्टीकरण: यह नाटक किसी भी तात्कालिक समस्या को प्रस्तुत करता है।

(2) विशेषता : गतिशीलता
स्पष्टीकरण : नाटक में पात्र, विषय, दर्शक तेजी से गंतव्य की ओर बढ़ते हैं।

(3) विशेषता : अचूक लक्ष्य
स्पष्टीकरण : यह हथियार की तरह समस्या को खत्म करता है।

(4) विशेषता : संक्षिप्तता
स्पष्टीकरण : नाटक में लंबे संवाद, विषय विस्तार नहीं होता है।

(5) विशेषता : सहज भाषा
स्पष्टीकरण : नाटक की भाषा सहज, स्वाभाविक और रोचक होती है।

(6) विशेषता : व्यंग्य शैली
स्पष्टीकरण : समस्या व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत की जाती है।

नाटक पर आधारित
आकलन

प्रश्न आ.
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए –
(1) कारण लिखिए

(क) किसान ट्यूबवेल नहीं लगा पाता
(a) ………………………………..
(b) ………………………………..
उत्तर :
(a) पानी का स्तर नीचे चला गया है।
(b) बिजली नहीं होती है।

(ख) पूरा शहर स्विमिंग पुल बन जाता है
(a) ………………………………..
(b) ………………………………..
उत्तर :
(a) कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक का नालों में अटकना
(b) सीवर की निकासी रुकना।

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
लिखिए –
Solution & Step-by-Step Answer:
: (ख) विकास के नाम पर किया गया (1) प्रकृति का – ……………………………….. (2) जमीन को – ……………………………….. (3) हवा को – ……………………………….. उत्तर : (1) प्रकृति का – दोहन / शोषण (2) जमीन को – वंजर (3) हवा को – दूषित

(ग) ए.सी. से निकलने वाली गैस से यह होता है ………………………………..
उत्तर :
ओजोन की परत में छेद होता है।

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
Solution & Step-by-Step Answer:
लिखिए

(क) माँ अपने बेटे के लिए खून नहीं खरीद सकी
(1) ………………………………..
(2) ………………………………..
उत्तर :
(1) जो पैसे आते हैं, दवाई में खर्च होते हैं।
(2) जो बचते हैं स्कूल की फीस में खर्च होते हैं।

(ख) संजाल पूर्ण कीजिए

उत्तर :

अभिव्यक्ति

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
बंजर होती जा रही खेती को बचाने के उपाय अपने शब्दों में लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: आज के जमाने में हर किसान खेती में कीटनाशकों का प्रयोग करता है। खेती में यूरिया, रासायनिक खाद, कीटनाशकों के उपयोग से जमीन की तह तक रसायन के फैलने से जमीन बंजर हो रही है। जमीन के अलावा फल, फसल भी रसायनयुक्त होने से बीमारियाँ फैला रहे हैं।

अगर जमीन को बंजर होने से बचाना है तो जरूरी है कि किसान रासायनिक खाद का नहीं, सेंद्रिय खाद का ही उपयोग करें। बार-बार एक ही फसल ना लें। दो-तीन साल बाद एक नई फसल लेने से जमीन को बंजर होने से बचाया जा सकता है। इस दृष्टि से किसानो में जागरूकता निर्माण करनी चाहिए।

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
‘जल संवर्धन आज की आवश्यकता’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: ‘जल है तो कल है’ यह आज सबको ध्यान रखना चाहिए। लोग कूपनलिका द्वारा जमीन के अंदर का पानी खींचते हैं जिससे भूजल समाप्त हो रहा है। जमीन पर नदी, तालाब या कुआँ इनमें जो पानी का संचय है उसे हमने प्रदूषित किया है। अत: दिन-ब-दिन पानी की समस्या सता रही है।

चेन्नई में पानी की कमी के बारे में हमने पढ़ा है। सारे जग में ही पानी की समस्या इतनी है कि तीसरा महायुद्ध पानी के कारण ही हो सकता है। अत: जरूरत है पानी का संचय तथा संवर्धन करने की। बारिश का पानी बचाने के लिए ‘रेन वॉटर हार्वेस्टिंग’ की सख्ती बरतना जरूरी है।

भूजल को सुरक्षित रखने के लिए पानी खिंचाव टालना चाहिए। पानी का मनुष्यों द्वारा होनेवाला प्रदूषण रोकना यह हमारे बस की बात है। जिसके लिए जागरूकता निर्माण करना आवश्यक है। ‘नदी-जोड़ प्रकल्प’ पर भी गंभीरता से विचार जरूरी है। इसप्रकार अनेक प्रकार के उपायों से हम ‘जल-संवर्धन’ कर सकेंगे।

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
‘ब्लड बैंक समय की माँग’ इस विषय पर स्वमत लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: ‘रक्तदान परम दान’ कहा जाता है। अन्न दान, संपत्ति दान करके लोग दुआ प्राप्त करते हैं। किंतु सबसे अधिक दुआएँ तभी मिलेगी जब हम किसी को जीवनदान दे पाएँ। रक्तदान से हम किसी का जीवन बचा सकते हैं। रोज हजारों-लाखों लोगों को रक्तदान की जरूरत होती है।

किसी को दुर्घटना की वजह से, किसी को बीमारी के कारण, किसी को कमजोरी के कारण रक्त की जरूरत पड़ती है। अगर हम अपना खून दान में देते हैं तो उसे ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा जाता है और जिसको जिस प्रकार के खून की जरूरत है, उस ब्लड ग्रुप का खून विशिष्ट कीमत लेकर दिया जाता है।

ब्लड बैंक मानो उन लोगों के लिए वरदान साबित होता है। ब्लड बैंक न होने से उनकी-शायद मौत हो जाती। अत: जगह-जगह ब्लड बैंक खुलवाना यही समय की माँग है।

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
‘रक्त की कालाबाजारी : एक अभिशाप’ अपना मत लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: अनाज, गैस इन जैसी कुछ चीजों की कालाबाजारी का नाम सुना था किंतु रक्त की कालाबाजारी यह नहीं सुना था। दुर्भाग्य से यह सच हैं कि कुछ लोग रक्त की कालाबाजारी करके गरीबों को मृत्यु के मुँह में धकेलते हैं। जिस समाज में किसी की जिंदगी बचाने वाले के लिए बार-बार अपना खून दान देने वाले उदार हृदय लोग हैं, उसी समाज में रक्त की कालाबाजारी करके उसे मुँह माँगे दाम में, अमीरों को बेचने वाले कठोरहृदयी निर्मम लोग भी हैं।

ऐसे लोग खून बेचने का व्यवसाय करते हैं, रैकेट चलाते हैं। इनके एजंट लोग झूठ बोलकर इस रैकेट के लोगों का फायदा करवा देते हैं। जो खून सहजता से नहीं मिलता। उसके लिए गरीबों को उस रक्तगट के रक्त की कमी के नाम पर बहुत इंतजार करना पड़ता है। परंतु पैसा देकर अमीर वर्ग जब चाहे, जैसा चाहे और जितना चाहे खून प्राप्त कर सकता है। यह कालाबाजारी अमीर-गरीब के बीच का फासला बढ़ाती है। सचमुच रक्त की कालाबाजारी एक भयानक अभिशाप है।

लघूत्तरी

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
‘मौसम’ नुक्कड़ नाटक में वर्णित समस्याओं पर प्रकाश डालिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: अरविंद गौड़ लिखित ‘मौसम’ इस नुक्कड़ नाटक में मानव जीवन से संबंधित विभिन्न सामयिक समस्याओं पर प्रकाश डाला है। मनुष्य भौतिक विकास के नाम पर प्रकृति से छेड़छाड़ कर रहा है, इससे ऋतु चक्र में अनियमितता आ गई है। कहीं धुआँधार बारिश तो कहीं बारिश की कमी।

मनुष्य पानी की प्लास्टिक बोतलें, प्लास्टिक थालियाँ, अन्य चीजें रास्ते पर फेंकता है जो नाले में अटक जाती हैं। नाले की निकासी रुकने से जरा-सी भी बारिश के बाद पानी भर जाता है। कारखानों का मैला, दूषित पानी नदी में छोड़ने से पानी दूषित हो जाता है।

नदी में रहने वाले जीव जंतुओं का अस्तित्व भी खतरे में है। कीटकनाशकों के उपयोग से जमीन बरबाद हो रही है। इस प्रकार पानी का प्रदूषण, पानी की कमी, जमीन का प्रदूषण, मौसम की अनियमितता, जीव जंतुओं का विनाश, गरीबों पर होने वाला परिणाम इन अनेक समस्याओं का विविध दृश्यों के माध्यम से वर्णन किया गया है।

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
‘विकास का सीधा असर पड़ता है लोगों की जिंदगी पर’, इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: आधुनिक युग यंत्र युग कहलाता है। यंत्रयुग में रोज नए यंत्र, मशीन और इन मशीनों को चलाने वाले कारखाने, निर्माण होते हैं। इन कारखानों में काम करने वाले मजदूरों को स्कीन कैंसर जैसी अन्य अनेक बीमारियों से जूझना पड़ता है। कारखानों से निकलने वाला मैला रसायनिक पानी नदी में छोड़ा जाता है। इस कारण नदी में रहने वाली मछलियाँ, अन्य जीवजंतु मर जाते हैं। इन मछलियों को पकड़कर अपना जीवन निर्वाह करने वाले मछुआरों पर मछली न मिलने से भूखा मरने की नौबत आती है।

खेती में कीटकनाशकों के उपयोग से खेती बंजर हो रही है। कीटकनाशकों का उपयोग करके खेती में आई फसल, फल, सब्जियाँ खाकर भी लोगों को रोज नई बीमारी का सामना करना पड़ता है।

वाहन, कारखाने, घर, ऑफिस में लगाए गए ए.सी., फ्रीज आदि से निकलने वाली गैस ओजोन गैस की परत में छेद करता है। इससे बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से पूरा जग परेशान है।

किसान, मछुवारे, आदिवासी जैसे सामान्य जन जिनकी जिंदगी प्रकृति पर निर्भर है तथा मजदूर जो यंत्रयुग का शिकार है इन सबकी जिंदगी के विकास पर सीधा बुरा असर पड़ रहा है।

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
‘रक्तदान करना हमारा
Solution & Step-by-Step Answer:
दायित्व हैं’, नाटक के आधार पर लिखिए। उत्तर : अरविंद गौड़ लिखित नुक्कड़ नाटक ‘अनमोल जिंदगी’ में रक्तदान का महत्त्व बताया है। रक्तदान न करने के पीछे लोगों के मन में जो गलतफहमियाँ हैं उन्हें दूर करते हुए रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किया है। समाज में हजारों-लाखों मनुष्यों की मृत्यु सिर्फ उन्हें समय पर उचित रक्त न मिलने से होती है।

रास्ते पर वाहन चलाते समय एक्सीडेंट होता है, किसी को गंभीर बीमारी में खून की जरूरत होती है तो कभी किसी नारी को प्रसव के दौरान खून के अति बहाव के कारण रक्त की जरूरत होती है। इन सभी प्रसंगो में समय पर उचित रक्त प्राप्त हो जाए तो इन लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इनकी जिंदगी को बचाने का परम कल्याण का काम हमारे हाथ से हो सकता है अगर हम रक्तदान करेंगे तो।

अन्य किसी भी दान से यह दान महत्त्वपूर्ण है। रक्तदान ही जीवनदान है, अत: रक्तदान करना हमारा उत्तरदायित्व है। हर व्यक्ति अगर रक्तदान करेंगे तो हमें जाने-अनजाने में ही जरूरतमंदों की सेवा का पुण्य मिलेगा। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम रक्तदान करें। रक्तदान ही मानवता की सेवा है।

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
रक्तदान के लिए सामाजिक जागृति की आवश्यकता’, नाटक के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: आज हम 21 वीं सदी में जी रहे हैं। हर क्षेत्र में उन्नति कर रहे हैं। पुराने काल में लोग स्कूल-कॉलेज में नहीं जाते थे। अनपढ़ लोगों के मन में कई अंधविश्वास थे। परंतु आज पढ़े-लिखे लोगों में भी काफी अंधविश्वास मौजूद हैं।

रक्तदान को लेकर भी समाज में काफी गलतफहमियाँ फैली हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए सामाजिक जागृति की आवश्यकता है। लोग ऐसा मानते हैं कि रक्तदान करने से कमजोरी बढ़ेगी, हाइट-बॉड़ी कम हो जाएगी।

लड़कियों को तो रक्तदान ही नहीं करना चाहिए। टॅटू निकालने के बाद रक्तदान नहीं करना चाहिए, ये सब गलतफहमियाँ होने से लोग रक्तदान करने से कतराते हैं। कुछ लोगों को अपने खानदान पर इतना गर्व होता है कि वे लोग अपना शाही खून किसी दूसरे को देने का विचार भी नहीं करते।

वास्तविक रूप से खून का शाही खून, सामान्य खून ऐसे कोई प्रकार नहीं होते हैं। खून में कोई खानदान, जातिपाति, धर्म-वंश, देश-विदेश का भेदभाव नहीं होता है। दुनिया के किसी भी कोने का कोई भी आदमी सिर्फ ब्लड ग्रुप मिलने पर रक्त पाकर जीवनदान पा सकता है।

रक्तदान देने से हमारे शरीर पर कोई भी बुरा असर नहीं होता है। ‘रक्तदान ही मानवता का दूसरा नाम है’ यह जागरूकता लोगों में निर्माण करना यह भी एक बड़ा सामाजिक कार्य है।

Yuvakbharati Hindi 11th Textbook SolutionsChapter 13 नक्कड़ नाटक (अ) मौसम (आ) अनमोल जिंदगी Additional Important Questions and Answers

कृतिपत्रिका
(अ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

गद्यांश : पति : आज भी, एक भी मछली नहीं फँसी। …………………………………… प्रदूषित कर रखा है। (पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्र. 71 दृश्य – 7)

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
संजाल पूर्ण कीजिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
कारण लिखिए : (i) मछुआरों के जाल में मछली नहीं फँसी क्योंकि – (1) ………………………………………………. (2) ………………………………………………. उत्तर : (1) नदी के किनारे वाले प्लांट सारा जहरीला पानी बहा देते हैं उससे मछलियाँ मर गई। (2) उद्योगों की वजह से मछलियाँ खत्म हो गई हैं।

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
पर्यायवाची शब्द गद्यांश से ढूँढकर लिखिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
: (1) जल – पानी (2) वृक्ष – पेड़ (3) मीन – मछली (4) क्षीर – दूध
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
जल प्रदूषण, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: आधुनिक जमाने में मनुष्य विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का विनाश कर रहा है। रोज नए उद्योग या कारखाने निर्माण हो रहे हैं जिनसे निकलता हुआ दूषित पानी बिना किसी प्रक्रिया के नदियों में मिलाया जाता है। इससे होने वाला जल प्रदूषण मनुष्य पर ही नहीं पानी में रहने वाले जीव-जंतुओं पर भी गंभीर परिणाम कर रहा है।

मनुष्य त्योहारों के बाद मूर्तियाँ पानी में विसर्जित करता है, उससे भी पानी प्रदूषित हो जाता है। लोग पानी में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक की चीजें फेंकते हैं। जानवर, वाहन, कपड़े वे धोकर नदी का पानी प्रदूषित कर देते हैं। जो पानी ‘जीवन’ देने वाला है वही पानी प्रदूषण के कारण मृत्यु’ का कारण बन जाता है। अत: पानी की रक्षा करना, उसका प्रदूषण रोकना हमारी जिम्मेदारी है। ‘जल है तो कल है’ यह सभी को याद रखना चाहिए।

(आ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

गद्यांश : प्रश्न 1 : मैडम हमें क्यों बदनाम किया जा …………………………………… लोग बीमार पड़ रहे हैं। (पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्र. 73)

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
कारण लिखिए : (i) लोग बीमार पड़ रहे हैं क्योंकि ……………………………………
Solution & Step-by-Step Answer:
: लोग बीमार पड़ रहे हैं क्योंकि खेत में यूरिया डालने की वजह से सब्जियों में केमिकल आ रहा है।

(ii) जमीन बंजर हो रही है क्योंकि ……………………………………
उत्तर :
जमीन बंजर हो रही हैं क्योंकि दवा, यूरिया, कीटनाशकों का अच्छी फसल उगाने के लिए धडल्ले से प्रयोग हो रहा है।

प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
शब्द समूह से मेल न खाने वाले शब्द को ढूँढ़कर लिखिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
: (i) जहर, विष, अमृत, गरल – अमृत (ii) हवा, मरूत, समीर, व्योम – व्योम (iii) पानी, शून्य, तोय, सलिल – शून्य (iv) आनन, देह, शरीर, गात – आनन
प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
पर्यावरण की रक्षा हेतु उपाय सुझाइए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: आज सारी दुनिया प्रदूषण से पीड़ित है। मनुष्य, पेड़, पशु-पक्षी जहरीली हवा में साँस लेने के लिए मजबूर है। हम सबके अस्तित्व पर ही प्रश्न चिह्न लगा है। समय रहते हमें प्रदूषण कम करने के लिए कमर कस लेनी चाहिए और पर्यावरण रक्षा का बेड़ा उठाना चाहिए।

हमें अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए और उनका संवर्धन करना चाहिए। अंधाधुंध जंगलों की सफाई (वृक्ष काटने से तात्पर्य है) के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। अत: खेती, वन, जंगलों का रखरखाव उचित तरीके से हो इसका ख्याल रखना चाहिए।

पर्यावरण सुरक्षा में पशु-पक्षी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज उनकी कई प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं। अत: पशु-पक्षियों के जीवन की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। पॉलिथीन से प्रदूषण फैलता है अत: उसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

पर्यावरण रक्षा में जन-जन का साथ मिलें इसके लिए जन जागृति अभियान चलाने चाहिए। हमारी जीवन शैली को पर्यावरण की प्राकृतिक व्यवस्था के अनुरूप बना लेना चाहिए। खेती में रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम करना चाहिए।

विषैले और खतरनाक अवशिष्टों (remainings) का उचित विस्तारण करना चाहिए। पर्यावरण की गुणवत्ता बढ़े ऐसा हमारा आचरण होना चाहिए।

(आ) अनमोल जिंदगीकृतिपत्रिका

(अ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

गद्यांश : हमारे देश में ब्लड की रोजाना बहुत जरूरत पड़ती है ………………….. तू कैसे खून दे सकती है? (पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्र. 76)

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
संजाल पूर्ण कीजिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
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Solution & Step-by-Step Answer:

प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
कारण लिखिए : (i) खून न देने के कारण (1) ………………………………….. (2) ………………………………….. (3) ………………………………….. (4) …………………………………..
Solution & Step-by-Step Answer:
: (1) खून देने से बॉडी कम हो जाएगी। (2) खून देने से भयंकर बीमारी लग सकती है। (3) किसी ऐरे-गैरे को खून न देने की मानसिकता। (4) हिमोग्लोबिन की कमी।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
(i) कृदंत शब्द लिखिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
: (1) मिलना : मिलावट, मिलनसार, मिलन, मिलाप (2) बनाना : बनावट, बनाने वाला, बना हुआ, बनकर

(ii) गद्यांश से ऐसे दो शब्द ढूँढ़कर लिखिए जिनके वचन बदलने पर भी रूप नहीं बदलते :
उत्तर :
(1) देश
(2) मरीज

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
‘रक्तदान : श्रेष्ठ दान’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: 14 जून यह दिन अंतर्रास्ट्रीय स्तर पर ‘रक्तदान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि किसी को कुछ दान देने के लिए अमीर होना बहुत जरूरी होता है। परंतु रक्तदान यह एक ऐसा दान है जो देने के लिए पैसों से आदमी बड़ा नहीं हो तो भी चलेगा लेकिन मन से बड़ा होना जरूरी है। यह दान न जाति-धर्म देखता है, न अमीरी-गरीबी देखता है। यह दान सिर्फ ‘मानवता’ को जगाता है।

हमारे ‘रक्तदान’ से हम किसी को ‘जीवनदान’ दे सकते हैं। ‘रक्तदान’ देने से हमारा कुछ भी नुकसान नहीं होता है। लेकिन लोगों के मन में आज भी ‘रक्तदान’ इस विषय को लेकर काफी गलतफहमियाँ हैं। इन्हें दूर करने के लिए लोगों में जागरूकता निर्माण करने की जरूरत है। ‘रक्तदानं परम दानं’ इसे अगर हम सब ध्यान में रखे तो हम ‘जीवनदाता’ बन जाएंगे। इसलिए,

‘मौका मिला अगर आपको उसे यूँ न गँवाइए।
देकर दान रक्त का नेकी भी कमाइए।।’

(आ) निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

गद्यांश : ब्लड डोनेशन का मतलब ……………………………….. मदद नहीं करनी चाहिए। (पाठ्यपुस्तक पृष्ठ क्र. 80)

प्रश्न 1 Maharashtra Board Solution
नाम लिखिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
: (i) गद्यांश में उल्लेखित वायु का नाम – ऑक्सीजन (ii) तीन साल की बच्ची को हुई बीमारी का नाम – कैंसर (iii) पति को हुई बीमारी का नाम – डेंग्यू (iv) तीन साल की बच्ची को रक्त देने वाला – एक एथलीट
प्रश्न 2 Maharashtra Board Solution
परिणाम लिखिए : (i) रक्तदान करने से डरना – ……………………………………… (ii) डोनर कार्ड मिलना – ………………………………………
Solution & Step-by-Step Answer:
: (i) रक्तदान करने से डरने से यही डर हमारी जिंदगी की उम्मीदों की रीढ़ को तोड़ रहा है। (ii) डोनर कार्ड मिलने से जरूरत पड़ने पर खून आसानी से मिल जाता है।
प्रश्न 3 Maharashtra Board Solution
(i) निम्न शब्दों में से सही शब्द चुनकर लिखिए :
Solution & Step-by-Step Answer:
: (1) शुरुवात / शुरूआत / शुरूवात / शूरुवात – शुरूआत (2) रक्तदाण / रक्तदान / रक्तदान / रक्तदाण – रक्तदान

(ii) तद्धित शब्दों के मूल रूप लिखिए :
उत्तर :
(1) इनसानियत – इनसान
(2) खुशी – खुश

प्रश्न 4 Maharashtra Board Solution
‘दूसरों की मदद करके खुशी और सुकून मिलता है’, इस तथ्य पर अपने विचार लिखिए।
Solution & Step-by-Step Answer:
: दान देने की परंपरा हमारे यहाँ प्राचीन काल से चली आ रही है। दूसरों को दान देने से आंतरिक खुशी मिलती है। दान केवल धन के रूप में ही नहीं बल्कि रक्त, शरीर के अंग आदि के रूप में भी किया जा सकता है। जरूरतमंदों की मदद करके हमें मानसिक शांति मिलती है।

जब कोई अपना मन, वचन और काया दूसरों की सेवा के लिए उपयोग में लाता है तब उसे एक प्रकार का सुकून मिलता है, आत्मिक सुख मिलता है। मनुष्य सामाजिक प्राणी है और उसका सबसे बड़ा कर्तव्य है एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना एवं यथाशक्ति सहायता करना।

तुलसीदास जी ने भी कहा है, ‘परहित सरस धर्म नाहिं भाई’ पुष्प इकट्ठा करने वाले व्यक्ति के हाथ में सुगंध रह जाती है वैसे ही दूसरों की जिंदगी रोशन करने वाले व्यक्ति की जिंदगी खुद रोशन हो ही जाती है।

सड़क पर कराहते व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाना हो या भूखे-प्यासे की आह कम करनी हो, अन्याय, शोषण से पीड़ित की सहायता करनी हो या सर्दी में ठिठुरते व्यक्ति को कंबल ओढ़ाना हो, किसी को किड़नी देने का सुख तो किसी को रक्तदान करके जीवन देने का सुख हो ये इंसान को भीतर तक खुशियों से सराबोर कर देते हैं।

नक्कड़ नाटक (अ) मौसम (आ) अनमोल जिंदगी Summary in Hindi

मौसम लेखक परिचय :

लेखक अरविंद गौड़ जी ने ‘नुक्कड़ नाटक’ में अपना एक विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है। आपका जन्म 2 फरवरी 1963 को शाहदरा (दिल्ली) में हुआ। इंजीनियरिंग पढ़ते समय नाटकों के प्रति आपकी रुचि बढ़ गई। आप पत्रकारिता तथा थिएटर से जुड़ गए।

मजदूर हो या किसान इनके विविध आंदोलनों में आपने एक बुनियादी भूमिका निभाई है। आपके ‘नुक्कड़ नाटकों’ का मंचन देश-विदेश में हो चुका है। आपने निर्देशित (directed) किया हुआ ‘कोर्ट मार्शल’ इस नाटक का पूरे भारत में 450 से भी अधिक बार मंचन हुआ है।

मौसम रचनाएँ :

‘नुक्कड़ पर दस्तक’ (नुक्कड़ नाटक संग्रह), अनटाइटल्ड, आई विल नॉट क्राय, अहसास (एकल नाट्य) तथा कुछ पटकथाएँ।

मौसम विधा परिचय :

‘नुक्कड़ नाटक’ आठवें दशक से लोकप्रिय हुआ। नुक्कड़ माने चौक या चौराहा। इस नाटक का प्रस्तुतीकरण (presentation) किसी चौक में, किसी सड़क पर, मैदान, बस्ती या कहीं भी हो सकता है। इन नाटकों का प्रस्तुतीकरण सामाजिक संदेशों के प्रसारण के लिए किया जाता है।

नुक्कड़ नाटक को प्रेक्षक राहों या चौक में खड़े होकर देखते हैं। इन्हें देर तक रोकना संभव नहीं होता इसलिए ये नाटक बेहद सटीक एवं संक्षिप्त होते हैं। जनता से सीधे संवाद करने वाले इस नाटक के लिए वेशभूषा, नेपथ्य, ध्वनि-संयोजन जैसी साज-सज्जा की आवश्यकता नहीं होती।

जन-जन तक समाज हित की बात सहजता से पहुँचाना इसका उद्देश्य है।

मौसम विषय प्रवेश :

अरविंद गौड़ लिखित ‘मौसम’ नामक नुक्कड़ नाटक आधुनिक जीवन की एक प्रखर समस्या को उजागर करता है। पर्यावरण को लेकर एक चेतना निर्माण करने का आपने प्रयास किया है। आज के जमाने में ‘पानी की समस्या’ ने एक विकराल (horrible) रूप धारण किया है।

पानी की कमी, हवा या जमीन का प्रदूषण, लोगों की लापरवाही इन अनेक समस्याओं के प्रति मनुष्य को सचेत बनाने की कोशिश इस नाटक द्वारा हुई है।

मौसम सारांश :
दृश्य – 1 : पानी की कमी : मनुष्य की पानी के प्रति लापरवाही से आज लोगों को पानी की कमी महसूस हो रही है। जो पानी उपलब्ध है उसे भी हमने दूषित किया है। इस कारण आज-कल मनुष्य पीने या नहाने के लिए पानी खरीद रहा है।

दृश्य – 2 : विकास का परिणाम : आज विकास के नाम पर फैक्ट्रियाँ खोली जाती हैं। इसका कूड़ा-कचरा, दूषित पानी नदियों में छोड़ा जाता है, जिससे जल प्रदूषित होता है।

दृश्य – 3 : पर्यावरण का असंतुलन : आज ऋतुचक्र में नियमितता नहीं रही क्योंकि हमने ही पर्यावरण को असंतुलित किया है। कहीं बाढ़ आती है, तो कहीं बरसात का इंतजार करना पड़ता है। इस असंतुलन के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है।

दृश्य – 4 : वायु प्रदूषण : आज लोग घर में, दफ्तर में हर जगह ए.सी. लगवाते हैं। इस ए.सी. से निकलने वाली गैस से ओजोन परत में छेद हो जाता है।

दृश्य – 5 : लोगों की लापरवाही : लोग खाना खाकर प्लास्टिक की थालियाँ, पानी पीकर प्लास्टिक की बोतल या गिलास रास्ते पर फेंकते हैं। ऐसा विविध प्रकार का सामान कूड़ा-कचरा बनकर नालों में अटक जाता है। बारिश होने पर नाले से पानी की निकासी न होने से पानी रास्ते पर आता है और थोड़ी-सी भी बारिश होने पर रास्ते स्विमिंग पूल बन जाते हैं।

दृश्य – 6 : मृदा का प्रदूषण : आज-कल लोग खेती करते समय कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। इसके केमिकल से जमीन दूषित हो जाती है। ऐसी खेती से निकली हुई फसल, फल, सब्जियाँ खाकर लोगों को अनेक प्रकार की बीमारीयाँ हो रही हैं।

दृश्य – 7 : जल – प्रदूषण : लोग नदी के किनारों पर नए-नए कारखाने खड़े करते हैं। इनमें से निकलनेवाला गंदा, रसायन युक्त पानी नदियों में छोड़ा जाता है। परिणाम स्वरूप पानी में रहने वाली मछलियाँ तथा अन्य जीव-जंतुओं का विनाश हो रहा है।

दृश्य – 8 : गरीबों पर परिणाम : फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर बीमारियों से ग्रस्त हैं। अनेकों को स्किन कैंसरं हो रहा है। मछुआरे, आदिवासी इन जैसे प्रकृति पर अवलंबित गरीब लोगों का जीना हराम हो गया है।

दृश्य – 9 : मनुष्य का विनाश : भौतिक विकास के नाम पर मनुष्य आस-पास के प्राकृतिक संसाधन नष्ट कर रहा है। जिससे प्राकृतिक संकट मनुष्य का विनाश कर रहे हैं। कभी बाढ़ तो कभी सूखा, कभी तूफान तो कभी भूचाल, ऐसे संकट मनुष्य के स्वार्थी वृत्ति का परिणाम हैं। ‘ग्लोबल वॉर्मिंग’ भी चिंता का विषय है। इनसे मनुष्य सावधान ना हो तो उसका विनाश अटल है।

मौसम शब्दार्थ :

अनमोल जिंदगी अरविंद गौड़ विषय प्रवेश :

अरविंद गौड़ जी ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामयिक समस्याओं को जनता तक पहुँचाने की कोशिश की है। ‘अनमोल जिंदगी’ इस नाटक द्वारा लेखक ‘रक्तदान’ इस विषय पर सामान्य लोगों को जगाने की कोशिश करते हैं। हजारों-लाखों लोगों की मृत्यु सिर्फ समय पर उचित रक्त न मिलने से होती है। रक्तदान के बारे में लोगों में काफी गलतफहमियाँ भी हैं। इन गलतफहमियों को दूर करते हुए लेखक रक्तदान करने की प्रेरणा देते हैं।

अनमोल जिंदगी सारांश:

दृश्य – 1 : एक्सीडेंट : एक दिन रास्ते पर एक चाचाजी का एक्सीडेंट हुआ। उनको बचाने के लिए ‘ओ निगेटिव’ ब्लड की जरूरत हैं परंतु लोगों की मानसिकता न होने से, उनकी रक्तदान के बारे में गलतफहमियाँ होने के कारण वे तरह-तरह का बहाना बनाकर रक्तदान करना टालते हैं।

दृश्य – 2 : हॉस्पिटल : एक सरकारी अस्पताल में गरीब माँ अपने बच्चे का जीवन बचाना चाहती थी। उसकी कम कमाई के कारण वह रक्त खरीद नहीं सकती। उसे आशा थी कि कोई रक्तदाता मिल जाएगा परंतु यह आशा निराशा में बदलती है और एक माँ अपने बेटे को हमेशा के लिए खो देती है।

दृश्य – 3 : ऑटो : एक बेटा अपनी बीमार माँ को बचाना चाहता था। माँ अस्पताल में थी। बेटा उचित रक्त की तलाश में ‘ऑटो’ से इधर-उधर घूम रहा था। उसकी बेचैनी, उसका प्रयास देखकर एक दयालु ऑटो वाला ही रक्तदान करने के लिए तैयार हो जाता है जिससे एक जिंदगी बचती है।

अनमोल जिंदगी शब्दार्थ :